कानपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जहां ट्रेनों से डीजल-पेट्रोल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद सीआईबी कानपुर और सीआईबी ग्वालियर की संयुक्त टीम ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि यह गिरोह भीमसेन आरपीएफ पोस्ट क्षेत्र में सक्रिय था और मालगाड़ियों व ट्रेनों से कीमती ईंधन चोरी कर अवैध तरीके से बेचने का काम करता था। रेलवे को लगातार ईंधन चोरी की सूचनाएं मिल रही थीं, जिससे न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो रहा था बल्कि रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने इस पर विशेष निगरानी शुरू की और सीआईबी की टीमों को सक्रिय किया गया। मंगलवार को एक सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने जाल बिछाया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए दो आरोपियों को घेराबंदी कर दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 15 कट्टी डीजल और पेट्रोल बरामद किया गया। इसके साथ ही चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी बरामद हुए हैं, जिनकी मदद से आरोपी ट्रेन के टैंकों से ईंधन निकालते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर गौतम और शिवम गौतम के रूप में हुई है। दोनों कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं और लंबे समय से इस अवैध कारोबार में संलिप्त थे। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी एक बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर रेलवे संपत्ति को निशाना बनाता था।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार बरामद किए गए ईंधन की बाजार कीमत करीब ₹34,000 आंकी गई है। हालांकि यह केवल एक खेप है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गिरोह अब तक लाखों रुपये के ईंधन की चोरी कर चुका है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के नामों का भी खुलासा किया है। गिरोह के चार अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ और सीआईबी की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि इस गिरोह के तार दूसरे जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से रेलवे ईंधन चोरी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि रेलवे संपत्ति की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरपीएफ ने यह भी चेतावनी दी है कि ट्रेनों से डीजल-पेट्रोल चोरी करने वाले या रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई के बाद रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
ट्रेनों से ईंधन चोरी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, दो शातिर गिरफ्तार