कानपुर। बर्रा स्थित जीपी धर्मशाला में बिहार समाज सेवा समिति द्वारा बिहार दिवस के अवसर पर ‘षष्ठम आत्मीय स्नेह मिलन समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कानपुर में कार्यरत बिहारी रेलकर्मियों ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों के साथ समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रेलवे लोको हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आनंद कुमार, डॉ. उमेश चंद्रा तथा विशिष्ट अतिथि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व हेड ऑफ फार्मेसी प्रो. डॉ. आरएन ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन कुंदन ने किया।
इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि डॉ. उमेश चंद्रा ने भावुक होते हुए कहा कि अपनी जन्मभूमि पटना से जुड़े इस आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि रेलकर्मी, विशेषकर लोको पायलट, कठिन ड्यूटी के बावजूद समाज सेवा के लिए समय निकालते हैं, जो प्रेरणादायक है।
डॉ. आनंद कुमार ने लोको पायलटों के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए कहा कि अनियमित कार्य समय के कारण पीठ दर्द जैसी समस्याएं आम हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे समाज के इन कर्मठ लोगों की चिकित्सा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।
समिति के सदस्यों ने बताया कि यह संगठन रेलवे कर्मचारियों द्वारा संचालित है और वर्ष भर जरूरतमंदों के लिए भोजन, सूखा राशन, गर्म कपड़े और कंबल का वितरण करता है। साथ ही छठ महापर्व के अवसर पर ‘ठेकुआ’ प्रसाद का वितरण और युवाओं को मार्गदर्शन देने जैसे कार्य भी किए जाते हैं।
कार्यक्रम में कई रेलकर्मी एवं लोको पायलट उपस्थित रहे, जिनमें मनोज कुमार झा, रमेश प्रसाद, शैलेन्द्र कुमार, वी.के. राय, आर.के. राम सहित अन्य शामिल रहे। आयोजन को सफल बनाने में राजेश रंजन, कुंदन सिंह, प्रवीण कुमार, मणिहरण, राकेश रंजन, शैलेन्द्र कुमार, कुंदन कुमार, सुदर्शन कुमार, पूर्णेंदु कुमार, ए.के. सत्यार्थी, रंजन कुमार, संजय कुमार, सुनील साह, सूरज कुमार, आनंद कुमार, राजीव कुमार, आर.के. पासवान, मंगल कुमार, गणेश झा, पप्पू कुमार और विपिन कुमार सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि संस्कृति, सेवा और सामाजिक समर्पण मिलकर समाज को एक नई दिशा प्रदान करते हैं।
बिहार दिवस पर आत्मीय मिलन, संस्कृति और सेवा का संगम