कानपुर-घाटमपुर। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर चतुर्थ शक्ति पीठ माँ कुष्मांडा के दरबार में रविवार शाम आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में आयोजित भव्य दीपोत्सव में 51 हजार दीपों की रोशनी से पूरा क्षेत्र जगमगा उठा। दीपों की मनमोहक श्रृंखला ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, मानो धरती पर दिव्यता स्वयं अवतरित हो गई हो।
दीपोत्सव का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक सरोज कुरील ने प्रथम दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण को आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी रंगोलियों से सजाया गया था। स्थानीय बच्चों और कलाकारों द्वारा बनाई गई सुंदर रंगोलियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। विधायक ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन किया। उन्होंने माँ कुष्मांडा से क्षेत्र में सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन माँ कुष्मांडा के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज से आए भक्तों ने लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन किए और अपनी मनोकामनाएं मांगीं। मंदिर कमेटी के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर दिया है।
दीपोत्सव के दौरान मंदिर की छटा देखते ही बन रही थी। हजारों दीपों की रोशनी में नहाया पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच हर श्रद्धालु भावविभोर नजर आया।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। घाटमपुर थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी की और सुचारु रूप से दर्शन कराए।
भव्य दीपोत्सव ने न केवल धार्मिक आस्था को और प्रगाढ़ किया, बल्कि क्षेत्र में एकता, उल्लास और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत की।
51 हजार दीपों से सजा कुष्मांडा धाम