कानपुर। शहर के रीजेंसी हेल्थ में कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के माध्यम से 43 वर्षीय महिला की सुनने की क्षमता वापस आ गई। लंबे समय से गंभीर श्रवण समस्या से जूझ रहीं इस महिला को हियरिंग एड से भी कोई लाभ नहीं मिल रहा था। सफल सर्जरी और सुनने की विशेष ट्रेनिंग के बाद अब वह सामान्य रूप से आवाजें सुनने और बातचीत करने में सक्षम हो गई हैं।
यह सर्जरी ENT विभाग के डायरेक्टर डॉ. राजन भार्गव के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान पाया गया कि मरीज को हियरिंग एड से कोई फायदा नहीं हो रहा था, जिसके बाद कॉक्लियर इम्प्लांट को उपयुक्त विकल्प माना गया। मरीज पुष्पा सोनी कई वर्षों से सुनने की समस्या से परेशान थीं। शुरुआत में हियरिंग मशीन से कुछ राहत मिली, लेकिन धीरे-धीरे उनकी सुनने की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई और वे आवाजों पर प्रतिक्रिया भी नहीं दे पा रही थीं।
स्थिति को समझने के लिए उनका विस्तृत परीक्षण किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार के मेडिकल टेस्ट शामिल थे। रिपोर्ट के आधार पर उन्हें कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए उपयुक्त पाया गया। डॉ. राजन भार्गव ने बताया कि सर्जरी के बाद जैसे ही इम्प्लांट चालू किया गया, मरीज की सुनने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता में स्पष्ट सुधार देखा गया।
सर्जरी के बाद मरीज को सुनने की विशेष ट्रेनिंग दी गई, जिससे उनकी सुनने, समझने और बोलने की क्षमता में निरंतर सुधार हो रहा है। अब वह आवाजों को पहचान पा रही हैं और आसानी से बातचीत करने में सक्षम हैं।
अपना अनुभव साझा करते हुए पुष्पा सोनी ने बताया कि लंबे समय से वे लगभग खामोशी में जीवन जी रही थीं और दूसरों की बात समझने के लिए होंठों को देखकर समझने का सहारा लेती थीं। कॉक्लियर इम्प्लांट के बाद उनके लिए यह अनुभव किसी नए जीवन के समान है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कॉक्लियर इम्प्लांट उन मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिन्हें हियरिंग एड से कोई फायदा नहीं मिलता। समय पर सही इलाज और नियमित ट्रेनिंग से ऐसे मरीज भी सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं। रीजेंसी हेल्थ में आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के माध्यम से सुनने से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी उपचार किया जा रहा है।
कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी से महिला को मिला सुनने का नया जीवन