कानपुर। न्याय को आमजन तक सुलभ बनाने और शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कानपुर नगर तथा छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षा गृह में वृहद विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को मंच पर सम्मानित कर प्रमाणपत्र व प्रतीकात्मक लाभ प्रदान किए गए। साथ ही 43 विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों और प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में लोगों ने स्टॉलों पर पहुंचकर योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश अनमोल पाल, कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, नोडल अधिकारी/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय सिंह, प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कर्णिका अवध तथा मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।जनपद न्यायाधीश अनमोल पाल ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने लाभार्थियों से अपने अनुभव साझा कर अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण न्याय को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक के अधिकारों से जुड़ा विषय है। आर्थिक अभाव के कारण जो लोग न्याय पाने में असमर्थ हैं, उन्हें निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक कल्याणकारी योजना विधिक अधिकार और दायित्व से जुड़ी होती है और ऐसे शिविर लोगों को अपने अधिकार समझने का अवसर देते हैं।
प्रभारी सचिव डीएलएसए कर्णिका अवध ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं, लोक अदालतों और निःशुल्क विधिक सहायता की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने कहा कि यह मंच न्याय और विकास को एक साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
शिविर में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत माधुरी पत्नी अजय कुमार और अनीता पत्नी ओमप्रकाश को आवास की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई। आयुष्मान योजना अंतर्गत उमा, सुषमा और सिया जानकी को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। टूल किट योजना में लक्ष्मी और पूजा को सिलाई मशीन दी गई। श्रम विभाग की योजनाओं से लल्ली देवी, बबलू, धनदेवी और उमेश कुमार लाभान्वित हुए। राजेश कुमार गुप्ता, मोहन कुमार और मनोज कुमार सहित दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। महिला बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा सृष्टि अनिरुद्ध, रियांश, रुद्रांशी और वैष्णवी का अन्नप्राशन कराया गया।
अंत में नोडल अधिकारी/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डूडा, ग्राम विकास, परिवहन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, रेशम विकास, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, मिशन शक्ति, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, श्रम, बाल विकास, खाद्य एवं रसद, स्वास्थ्य, पशुपालन, उद्योग, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और जिला कारागार सहित कुल 43 विभागों ने सहभागिता की।