कानपुर/नई दिल्ली। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) को नई दिल्ली में आयोजित सस्टेनेबिलिटी कर्मा कैंपस लीडरशिप अवॉर्ड्स 2026 में “नीति-आधारित पहल (ओपन कैटेगरी)” श्रेणी में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक को डिस्टिंग्विश्ड वाइस चांसलर अवॉर्ड फॉर सस्टेनेबिलिटी से नवाजा गया। यह सम्मान नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित तृतीय युवा सस्टेनेबिलिटी सम्मेलन एवं पुरस्कार समारोह 2026 के दौरान प्रदान किया गया। सम्मेलन का आयोजन वॉइसेस ऑफ भारत: युवा फॉर सस्टेनेबिलिटी द्वारा “सतत भविष्य का निर्माण: दृष्टि से मूल्यों तक” विषय पर किया गया।
विश्वविद्यालय को यह राष्ट्रीय सम्मान उन नीतिगत पहलों के लिए मिला है, जिनके माध्यम से सतत विकास की अवधारणा को प्रशासनिक ढांचे, शैक्षणिक योजनाओं, अनुसंधान गतिविधियों और परिसर प्रबंधन में संस्थागत रूप से लागू किया गया। सीएसजेएमयू ने सतत विकास को केवल विचार तक सीमित न रखते हुए नीति, योजना और क्रियान्वयन के स्तर पर प्रभावी ढंग से अपनाया है।
समारोह में विश्वविद्यालय की ओर से एसोसिएट डीन (अकादमिक) डॉ. अंशु सिंह ने पुरस्कार ग्रहण किया। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक को यह विशिष्ट सम्मान उच्च शिक्षा में सतत विकास के मूल्यों को शासन, नीतिगत निर्णयों, पाठ्यक्रम, अनुसंधान और छात्र सहभागिता से जोड़ने में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
पूर्व निर्धारित शैक्षणिक दायित्वों के कारण कुलपति समारोह में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन यह सम्मान उनके दूरदर्शी नेतृत्व और संस्थागत परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति माना जा रहा है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक मेहनत और उत्तरदायी शैक्षणिक नेतृत्व का परिणाम है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विश्वविद्यालय परिवार ने भविष्य में भी सतत विकास उन्मुख शासन, शोध उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व को और सशक्त करने का संकल्प दोहराया।
सीएसजेएमयू को राष्ट्रीय सम्मान, कुलपति विनय कुमार पाठक को डिस्टिंग्विश्ड वाइस चांसलर अवॉर्ड