कानपुर। उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा बृजेन्द्र स्वरूप पार्क (लॉन नंबर–2) में आयोजित मंडलीय खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के अंतर्गत क्रेता–विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े पुराने और नवोदित उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, बैंक अधिकारियों तथा विभागीय प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
सम्मेलन के दौरान उद्यमियों ने बैंक ऋण स्वीकृति में हो रही देरी, अनावश्यक औपचारिकताओं और बिना गारंटी ऋण योजनाओं के बावजूद परेशान किए जाने जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना और मुख्यमंत्री रोजगार योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ना है, लेकिन जमीनी स्तर पर पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुरेश गुप्ता, चेयरमैन, उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग महासंघ ने कहा कि खादी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार को पूर्व की भांति रिबेट व्यवस्था पुनः लागू करनी चाहिए, जिससे खादी उद्योग को नई गति मिल सके और उपभोक्ताओं को भी प्रोत्साहन मिले।
सम्मेलन के कोऑर्डिनेटर अभय त्रिपाठी ने जानकारी दी कि खादी एवं ग्रामोद्योग से संबंधित एक नई योजना शीघ्र लागू की जाएगी, जिसके लिए आने वाले समय में एक वृहद सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी अशोक शर्मा ने बताया कि चालू वर्ष में 105 नई इकाइयों की स्थापना कर 407 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक कानपुर के मुख्य प्रबंधक राजेश कुमार गिरी ने कहा कि यदि दस्तावेज पूर्ण हों तो पात्र उद्यमियों के ऋण एक सप्ताह के भीतर स्वीकृत किए जाते हैं।कार्यक्रम का संचालन के.के. पांडे ने किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में उद्यमी, व्यापारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और खादी ग्रामोद्योग के विकास को लेकर सार्थक संवाद हुआ।
खादी प्रदर्शनी में क्रेता–विक्रेता सम्मेलन, उद्यमियों ने उठाईं ऋण व रिबेट की समस्याएं