विशेष भार वाहनों समेत कई श्रेणियों के लिए वन टाइम टैक्स व्यवस्था लागू

कानपुर। प्रदेश सरकार ने परिवहन कर प्रणाली में बड़ा सुधार करते हुए भाड़े या पारिश्रमिक पर संचालित दोपहिया, तिपहिया वाहनों के साथ-साथ हल्के माल वाहनों, विशेष प्रयोजन यानों तथा राज्य परिवहन उपक्रम के स्वामित्वाधीन सार्वजनिक वाहनों के लिए तिमाही कर के स्थान पर वन टाइम टैक्स (एकमुश्त कर) की व्यवस्था लागू कर दी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम की विभिन्न धाराओं में संशोधन किया गया है। यह नई व्यवस्था तकनीकी रूप से वाहन पोर्टल पर भी लाइव हो चुकी है।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य वाहन स्वामियों को बार-बार कर भुगतान की जटिल और समय-साध्य प्रक्रिया से राहत देना तथा परिवहन कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। नई प्रणाली के तहत वाहन स्वामी एक बार कर जमा कर लंबे समय तक निश्चिंत रह सकेंगे।
एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की इस जनहितकारी योजना से वाहन स्वामियों को अवगत कराने और विभागीय राजस्व को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संभागीय परिवहन कार्यालय, सारथी भवन में 20 व 21 फरवरी को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक परिवहन मेले का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी वाहन स्वामियों से अपील की कि वे परिवहन मेले में उपस्थित होकर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और इसका लाभ उठाएं।
एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि एकमुश्त कर ढांचे के अंतर्गत अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए कर की दरें निर्धारित की गई हैं। इसके अनुसार भाड़े या पारिश्रमिक पर संचालित दोपहिया मोटर साइकिल के मूल्य का 12.5 प्रतिशत, तिपहिया मोटर कैब के मूल्य का 7 प्रतिशत, 10 लाख रुपये तक के मोटर कैब (तिपहिया को छोड़कर) व मैक्सी कैब के मूल्य का 10.5 प्रतिशत, तथा 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य के मोटर कैब व मैक्सी कैब के मूल्य का 12.5 प्रतिशत एकमुश्त कर के रूप में देय होगा।इसी प्रकार विशेष प्रयोजन यान जैसे बुलडोजर आदि पर वाहन मूल्य का 6 प्रतिशत, तीन हजार किलोग्राम तक के माल वाहनों (पिकअप आदि) पर मूल्य का 3 प्रतिशत, जबकि तीन हजार किलोग्राम से अधिक और साढ़े सात हजार किलोग्राम से कम सकल यान भार वाले मिनी ट्रक आदि पर मूल्य का 6 प्रतिशत वन टाइम टैक्स जमा किया जाएगा। पहले से पंजीकृत वाहनों के लिए प्रत्येक वर्ष के कर की गणना में 8 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जाएगी।
एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यह सुधार न केवल वाहन स्वामियों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि इससे राजस्व संग्रह की प्रक्रिया भी अधिक मजबूत और सुचारु होगी। सरकार की यह पहल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और नागरिक-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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