कानपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मिशन 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने औद्योगिक नगरी कानपुर में अपनी राजनीतिक ताकत का बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी की गरिमामयी मौजूदगी में दिग्गज नेता शेखर सिद्दीकी ने औपचारिक रूप से समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस हाई-प्रोफाइल जॉइनिंग को कानपुर मंडल में विपक्षी खेमे के लिए एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय पार्टी कार्यालय में आयोजित भव्य समारोह के दौरान अखिलेश यादव के निर्देश पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शेखर सिद्दीकी को समाजवादी टोपी पहनाई और मिठाई खिलाकर पार्टी में उनका स्वागत किया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में मौजूद समर्थकों ने “अखिलेश यादव जिंदाबाद” और “समाजवादी पार्टी जिंदाबाद” के नारों से पूरा परिसर गुंजायमान कर दिया, जिससे कार्यक्रम एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में तब्दील हो गया।
पार्टी की सदस्यता लेने के बाद मीडिया से बातचीत में शेखर सिद्दीकी ने कहा कि वे अखिलेश यादव की विकासपरक सोच और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की समावेशी राजनीति से प्रभावित होकर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का युवा, किसान और अल्पसंख्यक वर्ग केवल अखिलेश यादव की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे घर-घर जाकर सपा की नीतियों का प्रचार करेंगे और भाजपा की जनविरोधी नीतियों को जनता के सामने उजागर करेंगे।पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस मौके पर कहा कि शेखर सिद्दीकी के पार्टी में आने से कानपुर और आसपास के जिलों में संगठन को नई ऊर्जा और धार मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी ही उत्तर प्रदेश में एकमात्र सशक्त और भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रही है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेखर सिद्दीकी का सपा में शामिल होना कानपुर क्षेत्र के अल्पसंख्यक वोट बैंक में बड़ा असर डाल सकता है। उनके साथ आए समर्थकों की मजबूत फौज आने वाले स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
कानपुर में सपा का शक्ति प्रदर्शन, अखिलेश यादव की मौजूदगी में शेखर सिद्दीकी ने थामा ‘साइकिल’ का हैंडल