हटिया होली मेला की तैयारी तेज

कानपुर— कानपुर की सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी इतिहास से जुड़े ऐतिहासिक हटिया होली मेला (गंगा मेला) को भव्य स्वरूप देने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को हटिया महोत्सव कमेटी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से भेंट कर मेले के सफल आयोजन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

बैठक के दौरान कमेटी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि इस वर्ष 2/3 मार्च की भोर पहर में परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ होलिका दहन संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद कानपुर की विशिष्ट पहचान और आज़ादी के दीवानों की स्मृति से जुड़ा ऐतिहासिक हटिया होली मेला, जिसे गंगा मेला के नाम से भी जाना जाता है, आगामी 10 मार्च को पूरे हर्षोल्लास, सांस्कृतिक गरिमा और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया जाएगा।

प्रतिनिधि मंडल में कमेटी के संरक्षक मूलचन्द सेठ, अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र कुमार विश्नोई, महामंत्री विनय सिंह और आकाश ओमर शामिल रहे। कमेटी की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में मेले के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और जर्जर मार्गों के सुधार जैसी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने ज्ञापन का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हटिया होली मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि कानपुर के गौरवशाली इतिहास और क्रांतिकारी परंपरा का प्रतीक है, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

कौमी एकता और क्रांतिकारी चेतना को समेटे इस ऐतिहासिक मेले के गौरवशाली 61वें वर्ष के अवसर पर हटिया महोत्सव कमेटी ने जिलाधिकारी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया। इस पर जिलाधिकारी ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए आयोजन को प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कमेटी के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र विश्नोई ने बताया कि हटिया होली मेला केवल रंगों और उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस ऐतिहासिक परंपरा की याद दिलाता है जब अंग्रेजी हुकूमत के दौरान क्रांतिकारियों को लंबी जेल यात्राओं के बाद रिहा किया गया था और उनकी रिहाई की खुशी में कानपुरवासियों ने सामूहिक रूप से होली खेली थी। तभी से यह मेला स्वतंत्रता, बलिदान और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया।

बैठक में विशेष रूप से जिन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, उनमें भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, मेला क्षेत्र में नगर निगम द्वारा विशेष सफाई अभियान और चूना छिड़काव, पेयजल टैंकरों की व्यवस्था, अस्थायी शौचालयों की स्थापना, विद्युत विभाग द्वारा लटकते और जर्जर तारों को दुरुस्त करना तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल रहा। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा सुविधा और एम्बुलेंस की तैनाती पर भी जोर दिया गया।

प्रशासन और हटिया महोत्सव कमेटी के बीच हुई इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इस वर्ष ऐतिहासिक हटिया होली मेला और गंगा महोत्सव को न केवल पारंपरिक स्वरूप में बल्कि बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षा के साथ आयोजित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। शहरवासियों को उम्मीद है कि यह आयोजन एक बार फिर कानपुर की सांस्कृतिक पहचान और क्रांतिकारी इतिहास को नई ऊर्जा के साथ जीवंत करेगा।

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