हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर उतरे हजारों कर्मचारी, फूलबाग से कंपनी बाग तक बनी विशाल मानव श्रृंखला
12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर हुंकार,
श्रम कोड और निजीकरण के विरोध में बैंक, बीमा व श्रमिक संगठनों का शक्ति प्रदर्शन
कानपुर।
आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में मंगलवार को कानपुर की सड़कों पर कर्मचारियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। केंद्रीय श्रम संगठनों, यूपी बैंक एम्पलाइज यूनियन और ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में बैंक, बीमा और औद्योगिक इकाइयों से जुड़े हजारों कर्मचारियों ने फूलबाग चौराहे से कंपनी बाग चौराहे तक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने श्रम विरोधी नीतियों, चार नए श्रम कोड और सरकारी संस्थानों के निजीकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मानव श्रृंखला के माध्यम से कर्मचारियों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे।
चार श्रम कोड पर तीखा हमला
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए केंद्रीय ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने मेहनतकशों पर चार नए श्रम कोड जबरन थोप दिए हैं। नेताओं का आरोप है कि इन कानूनों के लागू होने से
मालिकों को 12-12 घंटे काम लेने का अधिकार मिल जाएगा,
श्रमिक संगठनों और यूनियनों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे,
हड़ताल करने की संवैधानिक प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया गया है कि मजदूर अपने अधिकारों के लिए आवाज ही न उठा सकें।
नेताओं ने आशंका जताई कि इन श्रम कोडों के कारण 8 घंटे का कार्य दिवस, सवेतन अवकाश, न्यूनतम वेतन और बोनस जैसे दशकों पुराने अधिकार समाप्त हो सकते हैं। इसके साथ ही महिलाओं को रात्रि पाली (नाइट शिफ्ट) में काम पर लगाने के प्रावधान पर भी कड़ी आपत्ति जताई गई।
निजीकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
बैंक कर्मी नेताओं रजनीश गुप्ता और अंकुर द्विवेदी ने कहा कि सरकारी संस्थानों का तेजी से निजीकरण और कर्मचारियों के अधिकारों में कटौती अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वहीं बीमाकर्मी नेता राजीव निगम ने कहा कि यह आंदोलन केवल वेतन या सुविधाओं की लड़ाई नहीं, बल्कि मजदूर वर्ग के अस्तित्व, सम्मान और भविष्य की लड़ाई है।
कई संगठनों के नेताओं ने रखा पक्ष
प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मी नेता अनिल सोनकर, पंधारी लाल, बीमाकर्मी सुमित श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, राकेश कनॉजिया, दीपक यादव, इंदर गुप्ता तथा केंद्रीय ट्रेड यूनियन के असित सिंह, शरद प्रकाश अग्रवाल, अशोक तिवारी, मो. वाशी, राम प्रकाश राय, राम सिंह, राजीव खरे, ओम प्रकाश, गौरव दीक्षित और उमेश शुक्ला ने अपने विचार रखे और कर्मचारियों को हड़ताल के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
यातायात प्रभावित, पुलिस रही सतर्क
हजारों कर्मचारियों की मानव श्रृंखला के चलते फूलबाग और आसपास के क्षेत्रों में काफी देर तक यातायात धीमा रहा। पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा, हालांकि कर्मचारियों के जोश और संख्या के सामने व्यवस्थाएं छोटी नजर आईं।
कुल मिलाकर, यह प्रदर्शन 12 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए एक मजबूत शक्ति प्रदर्शन साबित हुआ, जिसने साफ कर दिया कि श्रमिक, बैंक और बीमा कर्मचारी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं।