कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के अवसर पर एक प्रेरक और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग के 2004 बैच के एलुमनी एवं वरिष्ठ टीवी पत्रकार अनूप पांडेय को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के उपरांत अनूप पांडेय ने विभाग का भ्रमण किया और अपने छात्र जीवन की पुरानी यादों को ताजा करते हुए वर्तमान छात्रों से संवाद स्थापित किया।
विभाग के छात्रों को संबोधित करते हुए अनूप पांडेय ने कहा कि अच्छा पत्रकार बनने के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और स्पष्ट लक्ष्य का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने और नियमित रूप से लेखन करने की आदत विकसित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र ने यह तय कर लिया है कि उसे पत्रकारिता के क्षेत्र में ही करियर बनाना है, तो सफलता अवश्य मिलेगी। हो सकता है इसमें थोड़ा समय लगे, लेकिन लक्ष्य से भटकना नहीं चाहिए।टीवी पत्रकारिता पर विशेष जोर देते हुए अनूप पांडेय ने कहा कि एक अच्छा टीवी पत्रकार वही होता है, जिसे विजुअल्स की गहरी समझ हो। खबर में इस्तेमाल किए गए दृश्य ही दर्शकों पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालते हैं। यदि विजुअल्स मजबूत और तथ्यपूर्ण हों, तो खबर की विश्वसनीयता और प्रभाव दोनों बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि टीवी पत्रकारिता एक तेज रफ्तार माध्यम है, जहां तुरंत निर्णय लेने पड़ते हैं और समय का प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता के छात्रों को तकनीकी रूप से लगातार अपडेट रहना चाहिए। नए-नए तकनीकी बदलाव, डिजिटल टूल्स और मीडिया प्लेटफॉर्म की जानकारी ही किसी पत्रकार को भीड़ से अलग पहचान दिलाती है। अनूप पांडेय ने कहा कि अगर किसी पत्रकार को यह संतोष है कि उसने अपनी खबर के माध्यम से जिम्मेदार लोगों से सही सवाल पूछे हैं, तो वह निस्संदेह एक अच्छा और जिम्मेदार पत्रकार है।
इस अवसर पर मीडिया को जानकारी देते हुए पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने कहा कि पूर्व छात्र किसी भी शैक्षणिक संस्था की वास्तविक पूंजी होते हैं। उनके अनुभव और उपलब्धियां वर्तमान छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। पूर्व छात्रों और नई पीढ़ी के बीच संवाद से न केवल अकादमिक वातावरण मजबूत होता है, बल्कि भविष्य में सहयोग की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के छात्र केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यवहारिक और फील्ड वर्क में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम का सफल समन्वय सहायक प्राध्यापक डॉ. हरिओम कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभाग के डॉ. जितेंद्र डबराल, डॉ. ओम शंकर गुप्ता, डॉ. योगेंद्र कुमार पांडेय, डॉ. रश्मि गौतम, सागर कनौजिया, प्रेम किशोर शुक्ला सहित विभाग के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अनूप पांडेय से संवाद कर अपने करियर से जुड़े सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहज और प्रेरक ढंग से उत्तर दिया। यह आयोजन न केवल छात्रों के लिए प्रेरणादायी रहा, बल्कि विभाग और उसके पूर्व छात्रों के मजबूत संबंधों का भी सशक्त उदाहरण बना।