रचनात्मक संरचना में सीएसजेएमयू प्रथम

कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर ने एक बार फिर प्रदेश स्तर पर अपनी रचनात्मकता, नवाचार और तकनीकी दक्षता का परचम लहराते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जनभवन, लखनऊ में 6, 7 एवं 8 फरवरी 2026 को आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में सीएसजेएमयू ने ‘स्ट्रक्चर निर्माण’ श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे प्रदेश में विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है।यह उल्लेखनीय सफलता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और निरंतर प्रयासों का प्रतिफल मानी जा रही है। उनके मार्गदर्शन में सीएसजेएमयू निरंतर शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक क्षेत्रों में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत की गई ‘श्रीकृष्ण बाँसुरी’ की भव्य और कलात्मक संरचना ने प्रदर्शनी में मौजूद दर्शकों, विशेषज्ञों और निर्णायक मंडल का मन मोह लिया।

विश्वविद्यालय की टीम द्वारा निर्मित यह मॉडल केवल एक संरचना मात्र नहीं था, बल्कि इसमें भारतीय संस्कृति, कला और आधुनिक तकनीक का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। ‘श्रीकृष्ण बाँसुरी’ की इस रचनात्मक प्रस्तुति में ललित कला विभाग की सौंदर्यपूर्ण कल्पना और इंजीनियरिंग विभाग की तकनीकी मजबूती का बेजोड़ तालमेल स्पष्ट रूप से झलका। संरचना को इस प्रकार तैयार किया गया था कि वह न केवल देखने में आकर्षक लगे, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी मजबूत और संतुलित हो।
इस विशेष मॉडल के निर्माण में जैविक सामग्रियों और प्राकृतिक फूलों का व्यापक उपयोग किया गया। फूलों की साज-सज्जा, रंगों का संतुलन और संरचना की बारीक नक्काशी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘श्रीकृष्ण बाँसुरी’ के साथ प्रस्तुत इस मॉडल ने भारतीय आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक रचनात्मक सोच को एक साथ प्रस्तुत कर यह सिद्ध कर दिया कि सीएसजेएमयू केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नवाचार में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस संरचना निर्माण में विश्वविद्यालय की जिस टीम ने अथक परिश्रम किया, उसमें डॉ. सुंधाशु पांडिया, डॉ. प्रवीन भाई पटेल, डॉ. राज कुमार सिंह, जीऊत बली यादव सहित आदित्य कुमार, आदेश पटेल, आर्यन वर्मा, हिमांशु सिंह, प्रियांशु रच्छीत और आर्यन शामिल रहे। सभी सदस्यों ने आपसी समन्वय और टीमवर्क के माध्यम से इस उत्कृष्ट कृति को साकार किया।

प्रदर्शनी के दौरान राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने जनभवन प्रांगण में सीएसजेएमयू की इस अद्वितीय प्रस्तुति की सराहना करते हुए विश्वविद्यालय के सदस्यों को सम्मानित भी किया। राज्यपाल द्वारा मिले इस सम्मान से विश्वविद्यालय परिवार में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
सीएसजेएमयू की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक, प्रति कुलपति, कुलसचिव सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सभी ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह सफलता आने वाले समय में छात्रों और शिक्षकों को नवाचार और रचनात्मकता के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी।
निश्चित रूप से, ‘श्रीकृष्ण बाँसुरी’ की यह संरचना न केवल एक प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने की कहानी है, बल्कि यह सीएसजेएमयू की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और तकनीकी नवाचार को समान महत्व देती है।

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