मनीष गुप्ता
कानपुर नगर ।
बिठूर के ब्रह्मनगर स्थित राजा नर्सिंग होम में वार्मर मशीन की चूक से नवजात की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर की गई जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद नर्सिंग होम का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। साथ ही बिना अनुमति संचालित एनआईसीयू यूनिट को मौके पर ही सील कर दिया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी की जांच रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल तो पंजीकृत था, लेकिन एनआईसीयू संचालन की कोई वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बावजूद परिसर में एनआईसीयू यूनिट संचालित की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों की वैधता अवधि समाप्त पाई गई, जिसे मरीजों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही माना गया।
जांच के समय चिकित्सक डॉ. तपो ज्योति आचार्य, स्टाफ नर्स प्रदीप गोस्वामी व तनू गौतम तथा वार्ड बॉय अजय मौके पर उपस्थित पाए गए। प्रशासन ने राजा नर्सिंग होम (पंजीकरण संख्या: RMEE2122829) को पूर्ण रूप से बंद रखने के निर्देश देते हुए प्रबंधन को तीन कार्यदिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया है। निर्देशों के उल्लंघन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मृतक नवजात के परिजनों की तहरीर पर बिठूर थाना में अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।इस संबंध में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनपद के सभी अस्पतालों में जीवनरक्षक उपकरणों की अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट कराने तथा बिना अनुमति संचालित स्वास्थ्य इकाइयों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नवजात की मौत पर प्रशासन सख्त: राजा नर्सिंग होम का पंजीकरण निरस्त, एनआईसीयू यूनिट सील