‘स्ट्रॉन्गर दैन कैंसर’ कार्यक्रम बना उम्मीद, साहस और जीवन के उत्सव का मंच
सर्वाइवरों ने कहा— कैंसर ने सिखाया, ज़िंदगी को और मजबूती से जीना
मनीष गुप्ता
कानपुर।
विश्व कैंसर दिवस एवं कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर रीजेंसी हेल्थ कानपुर द्वारा आयोजित ‘स्ट्रॉन्गर दैन कैंसर’ सामुदायिक कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि कैंसर से जंग केवल दवाओं और मशीनों से नहीं, बल्कि हौसले, संवेदना और सामूहिक सहयोग से जीती जाती है। वैश्विक थीम “यूनाइटेड बाय यूनिक” के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक कैंसर मरीज की अलग-अलग यात्रा को सम्मान देना और यह संदेश देना रहा कि हर व्यक्ति की लड़ाई भले ही अलग हो, लेकिन उम्मीद सभी को एकजुट करती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ रीजेंसी हेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अतुल कपूर एवं ऑन्कोलॉजी टीम द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. अतुल कपूर ने कहा कि कैंसर देखभाल को केवल एक बार के इलाज तक सीमित नहीं किया जा सकता। यह एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसमें इलाज के बाद की ज़िंदगी, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक पुनर्वास भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि सर्वाइवरशिप मरीजों को दोबारा आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति देती है।
इस भावनात्मक और प्रेरणादायी आयोजन में कैंसर सर्वाइवर, वर्तमान मरीज, उनके परिजन, केयरगिवर, ऑन्कोलॉजिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, सपोर्ट ग्रुप, मीडिया प्रतिनिधि और स्थानीय ओपिनियन लीडर्स बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य फोकस इलाज से आगे बढ़कर कैंसर के बाद की ज़िंदगी, भावनात्मक सहयोग और जीवन की गुणवत्ता पर खुलकर संवाद करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से तैयार किए गए पेंटिंग, ओपन माइक और आर्ट एक्सप्रेशन ज़ोन ने माहौल को बेहद संवेदनशील और मानवीय बना दिया। कैंसर सर्वाइवरों ने इन मंचों पर अपने जीवन संघर्ष, डर, टूटन और फिर आशा की ओर लौटने की कहानियां साझा कीं। किसी ने चित्रों के माध्यम से अपने दर्द को रंगों में ढाला, तो किसी ने कविता और गीतों के जरिए अपने जज़्बात व्यक्त किए। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और यह एहसास कराया कि कैंसर केवल शरीर की नहीं, मन की भी परीक्षा लेता है।
ओपन माइक सत्र में सर्वाइवरों ने बताया कि कैसे इलाज के दौरान परिवार, डॉक्टरों और समाज के सहयोग ने उन्हें टूटने नहीं दिया। कई वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बीमारी के साथ-साथ सामाजिक दूरी और डर भी एक बड़ी चुनौती होती है, जिसे ऐसे सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से ही खत्म किया जा सकता है।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा डॉक्टरों और सर्वाइवरों के बीच अनौपचारिक संवाद रहा। इस दौरान इलाज की तकनीकी बातों से आगे बढ़कर विश्वास, संवेदना और मानवीय रिश्तों पर चर्चा हुई। ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों ने बताया कि आज की आधुनिक कैंसर चिकित्सा में काउंसलिंग, न्यूट्रिशन सपोर्ट, रिहैबिलिटेशन और फॉलो-अप केयर को अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है।
वक्ताओं ने समाज में कैंसर को लेकर फैली भ्रांतियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, सही जानकारी और सकारात्मक सोच से कैंसर को हराया जा सकता है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य डर को तोड़ना और मरीजों को यह विश्वास दिलाना है कि वे अकेले नहीं हैं।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने ‘स्ट्रॉन्गर दैन कैंसर’ को केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक सोच और आंदोलन बताया। रीजेंसी हेल्थ प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी कैंसर सर्वाइवरों और मरीजों के लिए ऐसे जागरूकता एवं सहयोगात्मक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
यह आयोजन यह संदेश देकर गया कि
कैंसर से बड़ी होती है इंसान की इच्छाशक्ति— और जब साथ मिलता है समाज का, तब हर मरीज सच में “स्ट्रॉन्गर दैन कैंसर” बन जाता है।
विश्व कैंसर दिवस पर रीजेंसी हेल्थ कानपुर की प्रेरक पहल