कानपुर— केन्द्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर ‘ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉईज एसोसिएशन’ के निर्देशानुसार यूपी बैंक एम्प्लॉईज यूनियन ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी क्रम में सोमवार को माल रोड स्थित केनरा बैंक शाखा के सामने बैंक कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन के दौरान यूनियन के मंत्री कॉमरेड रजनीश गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की मौजूदा नीतियां बैंक कर्मचारियों के हितों के खिलाफ हैं और इससे न केवल कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो रहा है, बल्कि देश की बैंकिंग व्यवस्था और वित्तीय स्थिरता पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित अखिल भारतीय हड़ताल को किसान मोर्चा सहित कई अन्य श्रम संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है, जिससे आंदोलन को और मजबूती मिलेगी।
बैंक कर्मियों ने अपनी प्रमुख मांगों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों, विशेषकर एलआईसी, के निजीकरण और विनिवेश को तत्काल रोकने, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, आउटसोर्सिंग और अनुबंध के आधार पर हो रही नियुक्तियों पर रोक लगाकर नियमित भर्ती करने की मांग रखी। इसके साथ ही ग्राहकों पर लगाए जा रहे सेवा शुल्क में कमी, जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर लगाए गए जीएसटी को हटाने तथा बड़े औद्योगिक घरानों से एनपीए की सख्ती से वसूली करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
यूपी बैंक एम्प्लॉईज यूनियन के अध्यक्ष कॉमरेड मनोज तिवारी और संयुक्त मंत्री अंकुर द्विवेदी ने आंदोलन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 7 फरवरी को केनरा बैंक माल रोड पर प्रदर्शन, 9 फरवरी को बैंक ऑफ बड़ौदा फजलगंज शाखा पर प्रदर्शन, 10 फरवरी को एलआईसी बिल्डिंग चौराहे से बड़ा चौराहा तक मानव श्रृंखला, 11 फरवरी को इंडियन बैंक से एलआईसी बिल्डिंग तक जुलूस और 12 फरवरी को संपूर्ण अखिल भारतीय हड़ताल आयोजित की जाएगी।
प्रदर्शन में अनिल सोनकर, मनोज तिवारी, अंकुर द्विवेदी, एस.के. मिश्रा, एस.के. शुक्ला, अंशुमान तिवारी, नितिन शर्मा सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की जायज मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज व उग्र रूप दिया जाएगा।