कानपुर।
सड़क सुरक्षा, सुगम यातायात, दुर्घटनाओं की रोकथाम और राजस्व हानि पर अंकुश लगाने को लेकर अवैध ओवरलोडिंग के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की मांग उठी है। दुर्घटना विषय विशेषज्ञ निर्मल त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर ट्रक, ट्रॉली, डंपर व ट्रेलर द्वारा हो रही अवैध ओवरलोडिंग पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि खनिज खदानों से निर्धारित मात्रा से अधिक गिट्टी व मौरंग का अवैध परिवहन किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुंच रही है। अधिकांश भारी वाहन तय क्षमता से 20 से 40 प्रतिशत अधिक भार लेकर सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर दौड़ रहे हैं।ज्ञापन के अनुसार बड़ी संख्या में वाहनों में लिफ्ट एक्सल/डमी एक्सल हवा में उठे रहते हैं, कई में अधूरे ब्रेक सिस्टम, निष्क्रिय स्पीड गवर्नर, खराब या गायब नंबर प्लेट, सेफ्टी गार्ड व रिफ्लेक्टर नहीं लगे हैं। बीएस-4 और बीएस-6 वाहनों में यूरिया कनेक्शन निष्प्रभावी कर प्रदूषण मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। इसके अलावा, लोड बॉडी को मानकों से अधिक ऊंचा बनाकर ओवरलोडिंग को और बढ़ावा दिया जा रहा है।
निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि इन कारणों से सड़क दुर्घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, लोग घायल और हताहत हो रहे हैं, जबकि ओवरलोडिंग से सड़कों और राजमार्गों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पुलिस कमिश्नरेट कानपुर ने अपने सीमित अधिकार क्षेत्र में पूरी तत्परता दिखाई है, लेकिन परिवहन व खनिज विभाग की निष्क्रियता के चलते प्रभावी परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं।ज्ञापन की प्रतिलिपि परिवहन मंत्री, मुख्य सचिव, परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है। उम्मीद जताई गई है कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से अवैध ओवरलोडिंग पर कठोर कार्रवाई होगी और आम जनता को राहत मिलेगी।
अवैध ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा गया ज्ञापन