कानपुर सेंट्रल—रेलवे यात्रियों की सुरक्षा एवं अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए परिजनों से बिछड़े तीन नाबालिग बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिवारों से मिलाया। दिनांक 04.02.2026 को माघ मेला के मद्देनज़र जीआरपी कानपुर सेंट्रल द्वारा स्टेशन परिसर में विशेष चेकिंग व भ्रमण किया जा रहा था। इसी दौरान प्लेटफार्म संख्या-1 पर तीन बच्चे अकेले घूमते हुए मिले, जो अपने परिजनों से बिछुड़ गए थे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और थाना कार्यालय स्थित हेल्प डेस्क पर बैठाकर उनसे सौम्य तरीके से पूछताछ की।
पूछताछ में बच्चों ने अपने नाम सोनू (11 वर्ष), मनोज (12 वर्ष) और पुनीत पाल (15 वर्ष) बताए, सभी निवासी थाना कल्यानपुर, जनपद फतेहपुर। इसके बाद उचित माध्यमों से तत्काल बच्चों के परिजनों को सूचना दी गई। कुछ ही समय में परिजन थाना कार्यालय पहुंचे, जहां आवश्यक औपचारिकताओं के बाद बच्चों को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया।
अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। यह कार्रवाई जीआरपी के सजग नेतृत्व, निरंतर मॉनिटरिंग और फील्ड में सक्रिय पुलिस टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम रही, जिससे एक बार फिर पुलिस का मानवीय चेहरा सामने सराहनीय कार्य करने वाली टीम:
ओम नारायण सिंह — प्रभारी निरीक्षक, थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल उ0नि0 विनोद कुमार यादव
उ0नि0 मुकुंद लाल,हे0का0 शिव सिंह,हे0का0 हरिपाल सिंह,
हे0का0 रमेश सोनकर,हे0का0 वेरा खान,का0 सत्येन्द्र सिंह,
का0 सूर्यकान्त यादव,का0 अंकित कुमार,
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक कानपुर के निकट पर्यवेक्षण एवं जीआरपी के उच्चाधिकारियों के निर्देशन में संपन्न हुई। जीआरपी की इस मानवीय पहल से एक बार फिर यह सिद्ध हुआ कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रही है।
जीआरपी की तत्परता से तीन नाबालिग सकुशल मिले