कानपुर—नगर निगम मुख्यालय स्थित समिति कक्ष में महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी होलिका दहन, होली पर्व, ऐतिहासिक गंगा मेला तथा हटिया से निकलने वाली पारंपरिक रंग के ठेलों की यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर नगर निगम और जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई।
महापौर प्रमिला पांडेय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करें।
होलिका दहन स्थलों की व्यवस्था पर चर्चा के दौरान मुख्य अभियंता (सिविल) सैय्यद फरीद अख्तर जैदी ने जानकारी दी कि शहर में पूर्व से चिन्हित 464 होलिका दहन स्थलों पर केवल मिट्टी ही डलवाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से ईंट, पत्थर या मलबे का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, क्योंकि इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
गंगा मेला एवं हटिया से निकलने वाली रंग के ठेलों की यात्रा के मार्गों का निरीक्षण पूरा कर लिया गया है। मुख्य अभियंता ने बताया कि इन मार्गों पर जलकल की पाइपलाइन बिछाने और पार्कों के सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है, जिसे 20 फरवरी तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाएगा।
महापौर ने विशेष रूप से भैरोघाट केस्को कार्यालय के पास तथा परमट से ग्रीन पार्क जाने वाले मार्ग पर मौजूद गड्ढों का तत्काल संज्ञान लेते हुए उन्हें भरकर सड़कों को “मोटरेबुल” बनाने के निर्देश दिए, ताकि आवागमन के दौरान कोई दुर्घटना न हो।
पेयजल आपूर्ति को लेकर महापौर ने महाप्रबंधक जलकल आनंद कुमार त्रिपाठी को निर्देशित किया कि होली के दिन शहर में जलापूर्ति का समय और जलदाब (प्रेशर) दोनों बढ़ाए जाएं। साथ ही सभी पंजीकृत मलिन बस्तियों के आसपास पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गोविंद नगर कच्ची बस्ती में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए अतिक्रमण हटाकर अतिरिक्त पंप लगाने के भी निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त मोहम्मद अवेश, जगदीश यादव, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी मनमोहन आर्या, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय संख्वार, डॉ. अमित सिंह, डॉ. चंद्रशेखर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अंत में महापौर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि 20 फरवरी तक यात्रा मार्गों को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए और होली पर्व के दौरान शहर में निर्बाध जलापूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
होली व गंगा मेला की तैयारियों पर महापौर सख्त