कानपुर। सेंट्रल जोन के उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देशों और लगातार मॉनिटरिंग के बाद अनवरगंज थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने डाकघर की विभिन्न सरकारी योजनाओं में निवेश कराने का झांसा देकर वर्षों से लोगों को ठग रही एक शातिर महिला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला अपने पति के साथ मिलकर एक संगठित और सुनियोजित ठगी का गिरोह चला रही थी, जिसने शहर के दर्जनों लोगों से लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दंपत्ति खुद को डाकघर का अधिकृत एजेंट या विश्वसनीय प्रतिनिधि बताकर आम लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे पोस्ट ऑफिस की आकर्षक बचत योजनाओं, मासिक आय योजना, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य सरकारी स्कीमों का हवाला देकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करते थे। भरोसा जीतने के लिए वे बेहद शातिर तरीके अपनाते थे और खुद को सरकारी तंत्र से जुड़ा हुआ साबित करते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लोग निवेशकों से नकद और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से बड़ी रकम लेते थे, लेकिन उसे किसी भी सरकारी खाते या डाकघर में जमा नहीं करते थे। इसके बजाय वे रकम को अपने निजी उपयोग में ले लेते थे। लोगों को शक न हो, इसके लिए यह दंपत्ति फर्जी रसीदें, नकली दस्तावेज और जाली मुहरों का इस्तेमाल करता था, जिससे पीड़ितों को लंबे समय तक ठगी का एहसास ही नहीं हुआ।
अनवरगंज थाना प्रभारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड यही दंपत्ति था। पुलिस पहले ही इस गिरोह के पुरुष सदस्य, यानी महिला के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पति की गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी महिला फरार चल रही थी और लगातार ठिकाने बदल रही थी। आखिरकार साइबर सेल की तकनीकी निगरानी और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने महिला को दबोच लिया।
महिला की गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे ठगी सिंडिकेट का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला से गहन पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में ठगी की रकम लाखों रुपये बताई जा रही है, लेकिन पुलिस को आशंका है कि पूछताछ आगे बढ़ने पर कई और पीड़ित सामने आ सकते हैं, जिससे ठगी की कुल राशि करोड़ों तक भी पहुंच सकती है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ठगी गई रकम को कहां-कहां निवेश किया गया है, किस तरह खर्च किया गया या फिर किसी अन्य खातों में छिपाया गया है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से कोई और व्यक्ति तो जुड़ा नहीं था, जो पर्दे के पीछे रहकर इस पूरे नेटवर्क को चला रहा हो।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद शहर में सक्रिय अन्य जालसाजों, फर्जी एजेंटों और अवैध निवेश कराने वालों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से ऐसे अपराधों पर लगाम लगेगी और आम जनता में जागरूकता भी बढ़ेगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना या निवेश से पहले संबंधित विभाग या डाकघर की आधिकारिक शाखा में जाकर पूरी जानकारी और पुष्टि जरूर करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को नकद पैसा देने या निजी खातों में रकम ट्रांसफर करने से बचें। यदि कोई खुद को सरकारी एजेंट बताता है, तो उसकी पहचान और सर्टिफिकेट की विधिवत जांच अवश्य करें।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की ठगी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा और आम जनता की गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई, शातिर महिला गिरफ्तार