कानपुर/उन्नाव। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के अंतर्गत चर्म उत्पाद ट्रेड से जुड़े दस दिवसीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा पारंपरिक चर्म उद्योग को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
समापन समारोह के अवसर पर जिला उद्योग केन्द्र के सहायक प्रबंधक चन्द्र किशोर वर्मा ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी प्रतिभागियों द्वारा दस दिनों में तैयार किए गए लेदर उत्पादों का अवलोकन किया और उनके कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि अल्प समय में प्रशिक्षार्थियों द्वारा बनाए गए लेदर बैग, पर्स, बेल्ट, जूते के अपर सहित अन्य उत्पाद उनकी मेहनत, लगन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को दर्शाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को भविष्य में भी इसी तरह निरंतर अभ्यास करते हुए अपने कौशल को निखारने की सलाह दी।
चन्द्र किशोर वर्मा ने जानकारी दी कि उन्नाव की उपायुक्त उद्योग करुणा राय के दिशा-निर्देशों में ओडीओपी योजना तथा विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत जनपद उन्नाव के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसी क्रम में कानपुर-उन्नाव लेदर क्लस्टर (केएलसी) इंस्टीट्यूट द्वारा लेदर उत्पादों के निर्माण का व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्तिक इंटरनेशनल के निदेशक कपिल शुक्ला एवं आशुतोष शुक्ला ने प्रशिक्षार्थियों को लेदर सेक्टर में उपलब्ध रोजगार और स्वरोजगार की व्यापक संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही टूलकिट की सहायता से अपने घर पर ही कार्य प्रारंभ कर सकते हैं। इसके साथ ही जॉब वर्क के माध्यम से अथवा विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल्स पर अपने तैयार किए गए लेदर उत्पादों की बिक्री कर अच्छी आमदनी अर्जित की जा सकती है।
कानपुर-उन्नाव लेदर क्लस्टर (केएलसी) इंस्टीट्यूट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इमरान सिद्दकी ने ओडीओपी प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से अपील की कि वे बैंक द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ब्याज मुक्त अथवा रियायती ऋण का लाभ उठाकर अपना स्वयं का उद्यम शुरू करें और आगे बढ़ें।
कार्यक्रम के अंत में केएलसी इंस्टीट्यूट के शिशिर अवस्थी ने प्रशिक्षण के दौरान छात्रों द्वारा तैयार किए गए लेदर बैग, पर्स, बेल्ट, जूते के अपर सहित अन्य उत्पादों की सराहना की। उन्होंने सभी 50 प्रशिक्षार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण उनके जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
इसके पश्चात दोनों बैचों के सभी प्रशिक्षार्थियों का लेदर सेक्टर स्किल काउंसिल के अधिकृत एग्जामनर द्वारा आरपीएल (रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग) असेसमेंट कराया गया, जिससे प्रतिभागियों के कौशल को औपचारिक मान्यता मिल सके। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विकास दीक्षित, रितिक सिंह, अतुल, अभिषेक, विनीत प्रजापति सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
ओडीओपी चर्म उत्पाद प्रशिक्षण का सफल समापन