18 क्विंटल गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, ₹50 हजार का इनामी राम सागर यादव सलाखों के पीछे
कानपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में कानपुर पुलिस और एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय 18 क्विंटल गांजा तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना, ₹50 हजार के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे शातिर अपराधी राम सागर यादव को एसटीएफ और जाजमऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी थी, बावजूद इसके वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
मंगलवार रात एसटीएफ और जाजमऊ पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि वांछित आरोपी राम सागर यादव क्षेत्र में मौजूद है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुरानी चुंगी इलाके में घेराबंदी की। काफी सतर्कता और रणनीति के साथ पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था।
यह मामला 23 नवंबर 2024 का है, जब जाजमऊ चौराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध डंपर को रोककर तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान डंपर से भारी मात्रा में 18 क्विंटल गांजा बरामद किया गया था। पुलिस ने मौके पर ही तस्करी में प्रयुक्त डंपर और एक स्कॉर्पियो वाहन को सीज कर लिया था। यह बरामदगी कानपुर में अब तक की सबसे बड़ी गांजा तस्करी में से एक मानी गई थी।
उस समय इस तस्करी नेटवर्क के तीन सदस्य—पुंडलिक केंद्रे, संतोष यादव और मंगेश यादव—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, लेकिन गिरोह का मास्टरमाइंड राम सागर यादव मौके से फरार हो गया था। तभी से एसटीएफ और पुलिस की टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं।
थाना प्रभारी जाजमऊ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राम सागर यादव एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ विभिन्न जिलों में कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। आजमगढ़ जनपद में उसके खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी के दो गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि जाजमऊ थाना क्षेत्र में भी तस्करी और गैंगस्टर एक्ट के तहत दो मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी का आपराधिक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राम सागर यादव की गिरफ्तारी से अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह की कमर पूरी तरह टूट गई है। यह सफलता कानपुर पुलिस और एसटीएफ के बीच बेहतर समन्वय और सतत निगरानी का परिणाम है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर उसके सप्लाई चैन, फाइनेंसरों और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।
अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों पर भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी। राम सागर की गिरफ्तारी से न केवल तस्करी गिरोह पर लगाम लगी है, बल्कि यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश भी है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं होगा।
एसटीएफ–जाजमऊ पुलिस का सबसे बड़ा प्रहार