अल्पायु में हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले वीर सपूत के बलिदान को किया याद
कानपुर।
अखंड भारत के सिंध प्रांत के वीर सपूत और स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी अमर शहीद हेमू कालाणी के शहादत दिवस पर मंगलवार को भारतीय सिंधु सभा द्वारा भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शास्त्री नगर, सिंधु नगर स्थित हेमू कालाणी पार्क में आयोजित हुआ, जहां सभा के पदाधिकारियों, संत-महात्माओं एवं सिंधी समाज के गणमान्य नागरिकों ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भारतीय सिंधु सभा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अशोक अगनानी ने शहीद हेमू कालाणी की शौर्यगाथा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने के लिए भारत माता के अनगिनत सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। शहीद हेमू कालाणी उन्हीं वीरों में से एक थे, जिन्होंने बेहद अल्पायु में हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमकर मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रवाद, साहस और त्याग की अमिट प्रेरणा बना रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों एवं समाज के प्रबुद्ध जनों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि शहीद हेमू कालाणी का नाम स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है और समाज का प्रत्येक नागरिक उनके महान बलिदान का ऋणी है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही देश को सशक्त और समृद्ध बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर पूरा पार्क परिसर ‘शहीद हेमू कालाणी अमर रहें’ के नारों से गुंजायमान हो उठा और वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संत रमेश लाल एवं संत हरिदास का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ, जिन्होंने शहीद की स्मृति में आध्यात्मिक संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष अशोक अगनानी, इंद्रजीत आहूजा, ओम प्रकाश बदलानी, दीपक अंशवानी, सुन्दर दास गौहरानी, गुरनामल, लक्की सावलानी, अशोक पमनानी, किशन तलरेजा, जगदीश तीर्थांनी, धनराज हसीजा, रमेश मुरझानी, राजकुमार मोटवानी, गोविन्द खत्री, विक्की छाबड़ा, विक्की मुरझानी, मनीष लालवानी, गिरधारी लाल चंदानी, कुलदीप परवानी, पुरन सितानी, तरुन तोलानी सहित बड़ी संख्या में भारतीय सिंधु सभा के कार्यकर्ता एवं सिंधी समाज के लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में उपस्थितजनों ने शहीद हेमू कालाणी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया और राष्ट्र सेवा के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया गया।
अमर शहीद हेमू कालाणी के शहादत दिवस पर नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि