केडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-1 बी की बड़ी कार्रवाई, कल्याणपुर व बिठूर में 5 बीघा की अन्य अवैध कॉलोनियां चिन्हित, जल्द चलेगा बुलडोजर
कानपुर।
शहर में अवैध कॉलोनाइजरों और अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्यांल के कड़े निर्देशों के क्रम में सोमवार को प्रवर्तन जोन–1 बी की टीम ने बिठूर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 7 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया।
यह कार्रवाई बिठूर थाना क्षेत्र के सिंहपुर कछार में की गई, जहां बिना कानपुर विकास प्राधिकरण से तलपट मानचित्र (ले-आउट) स्वीकृत कराए और बिना किसी वैधानिक अनुमति के बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर सड़कों, बाउंड्री वॉल और अन्य अवैध संरचनाओं को जमींदोज किया गया।
पूरे अभियान का नेतृत्व केडीए के विशेष कार्याधिकारी/उप जिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने किया। जानकारी के अनुसार सिंहपुर कछार स्थित आराजी संख्या 787 और 788 पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान—
आराजी संख्या 787 व अन्य क्षेत्र में लगभग 4.0 बीघा भूमि पर अवैध निर्माण व प्लाटिंग ध्वस्त की गई,
आराजी संख्या 788 व अन्य क्षेत्र में करीब 3.0 बीघा भूमि पर बनाई गई बाउंड्री वॉल और सड़क हटाई गई।
ध्वस्तीकरण की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या अव्यवस्था से निपटने के लिए थाना बिठूर का पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर क्षेत्रीय अवर अभियंता हिमांशु बर्नवाल, सुपरवाइजर अनिल शर्मा, राम औतार, मनोज सहित केडीए का प्रवर्तन अमला मौजूद रहा।
विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि केवल सिंहपुर कछार ही नहीं, बल्कि थाना कल्याणपुर और बिठूर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य गांवों में भी लगभग 5 बीघा क्षेत्रफल की अवैध/अनाधिकृत प्लाटिंग को चिन्हित कर लिया गया है। इन सभी के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रक्रिया में है और शीघ्र ही यहां भी बुलडोजर चलाया जाएगा।
डॉ. रवि प्रताप सिंह ने आम जनमानस से अपील करते हुए कहा कि कानपुर विकास प्राधिकरण जनता को लगातार सचेत कर रहा है कि किसी भी प्लॉट या भूमि को खरीदने से पूर्व केडीए कार्यालय से संबंधित ले-आउट और मानचित्र की स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण करने पर भविष्य में होने वाली आर्थिक एवं मानसिक क्षति के लिए खरीदार स्वयं जिम्मेदार होंगे।
केडीए प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति के किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और किसी भी अवैध कॉलोनी को शहर में पनपने नहीं दिया जाएगा।
केडीए का अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार: बिठूर में 7 बीघा में विकसित हो रही अवैध प्लाटिंग जमींदोज