गोविंद नगर स्थित श्री झूलेलाल शिव मंदिर में श्रद्धापूर्वक मनाया गया शहीद दिवस
कानपुर।
गोविंद नगर (13 ब्लॉक) स्थित श्री झूलेलाल शिव मंदिर में मंगलवार को अमर शहीद हेमू कालानी का शहादत दिवस पूरे श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया। मातृभूमि की रक्षा के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले महान क्रांतिकारी हेमू कालानी की पुण्य स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में सिंधी समाज के लोगों ने एकजुट होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। मनोज तलरेजा, बंटी सिधवानी, मनोज लालवानी एवं बलराम कटारिया ने संयुक्त रूप से प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात समाज के सैकड़ों लोगों ने एक-एक कर पुष्प अर्पित कर अमर शहीद को नमन किया। इस दौरान पूरा मंदिर प्रांगण ‘अमर शहीद हेमू कालानी अमर रहे’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा और वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने शहीद हेमू कालानी के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि हेमू कालानी का जन्म 23 मार्च 1923 को अखंड भारत के सिंध प्रांत के सुकुर में हुआ था। बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी हुई थी। उनके बलिदान को याद करते हुए वक्ताओं ने प्रसिद्ध पंक्तियां भी दोहराईं—
“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मर मिटने वालों का यही बाकी निशाँ होगा।”
वक्ताओं ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष में वीर हेमू कालानी ने अद्वितीय साहस का परिचय दिया था। जब अंग्रेजों के हथियारों से भरी एक ट्रेन उनके क्षेत्र से गुजरने वाली थी, तब उन्होंने रेल की पटरियां उखाड़ दी थीं, जिससे अंग्रेजी हुकूमत को भारी क्षति पहुंची। इसी साहसिक और राष्ट्रहित के कार्य के लिए ब्रिटिश सरकार ने मात्र 19 वर्ष की अल्पायु में 21 जनवरी 1943 को उन्हें फांसी दे दी। उनका यह बलिदान आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अध्यक्ष श्यामलाल मूलचंदानी सहित सुरेश कटारिया, महेश मनचंदा, डॉ. सुरेश मदान, डॉ. सुरेश आहूजा, डॉ. अशोक पाहूजा एवं बंटी सिधवानी उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में संजू डाबरानी, नरेश फूलवानी, चंद्रभान मोहनानी, मुरारी लाल चुग, बिहारी लाल बजाज, बलराम कटारिया, गणेश बजाज, मनोज लालवानी, अनिल डाबरानी, सुरेश धमीजा, दिनेश कटारिया, विनोद मूर्जनी, मोहन मुकेश, अमित कटारिया, पूरन बजाज, मनोज डब्बू, हरिराम गंगवानी, सुनील अलवानी, लक्ष्मण दास, संजय चुग, राजकुमार मोटवानी, मनोज धमीजा, राजा मनवानी, रमेश मुरझानी, ललित श्याम दासानी, अमित खत्री, बलवंत मखीजा, श्याम बिजलानी, महेश मखीजा, विश्वनाथ आहूजा एवं कैलाश नहलानी शामिल रहे।
महिला शक्ति की ओर से प्रियंका आहूजा, दीपा रुपानी, पूनम चुग, मंजू खत्री, रोमा डबरानी, हेमा शर्मा, ज्योति गेरा एवं शीतल गेरा ने भी अमर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का संचालन एवं सफल आयोजन अनिल डोडवानी, गौरव शिवानी एवं पंडित माधव के सहयोग से संपन्न हुआ। अंत में शहीद हेमू कालानी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
अमर शहीद हेमू कालानी के बलिदान को किया नमन, गूँज उठे ‘अमर रहे’ के नारे