कानपुर-शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक नौबस्ता चौराहे पर पुलिस का संवेदनशीलता से भरा चेहरा सामने आया है ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर की सतर्कता और तत्परता के चलते दो नाबालिग बच्चे सुरक्षित अपने परिजनों के पास पहुँच सके पुलिस की इस कार्यप्रणाली की क्षेत्र में चहुंओर प्रशंसा हो रही है जानकारी के अनुसार, नौबस्ता चौराहे पर ड्यूटी के दौरान टीएसआई उपेंद्रनाथ सिंह यादव की नज़र दो छोटे बच्चों पर पड़ी, जो काफी देर से डरे-सहमे और भटकते हुए दिखाई दे रहे थे बच्चों की स्थिति को भांपते हुए टीएसआई ने तत्काल उन्हें पास बुलाकर ढांढस बंधाया और उनके घर का पता जानने की कोशिश की बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए टीएसआई उपेंद्रनाथ ने होमगार्ड के जवानों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पूछताछ शुरू कराई गहन प्रयासों और बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर अंततः उनके परिजनों का पता लगा लिया गया पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए उनके घर पर संपर्क किया और बच्चों के मिलने की सूचना दी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों बच्चों को सकुशल और सम्मानपूर्वक उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया अपने खोए हुए बच्चों को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों के आँखों में खुशी के आंसू छलक आए परिजनों ने टीएसआई उपेंद्रनाथ सिंह यादव और पूरी पुलिस टीम की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया वहीं उपेंद्रनाथ सिंह यादव टीएसआई ने कहा कि “ट्रैफिक व्यवस्था के साथ-साथ आम जनमानस की सुरक्षा और सहायता करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है बच्चों को उनके परिवार से मिलकर जो खुशी हुई, वही हमारी ड्यूटी का सबसे बड़ा इनाम है।
खाकी का मानवीय चेहरा, नौबस्ता चौराहे पर भटकते दो मासूमों को टीएसआई ने सुरक्षित घर पहुंचाया