कानपुर। शहर के प्रवेश द्वारों और प्रमुख धार्मिक मार्गों की सफाई, अतिक्रमण और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने बुधवार को जोन-2 के अंतर्गत पुरानी चुंगी जाजमऊ, नई चुंगी से लेकर सिद्धनाथ घाट मंदिर तक सघन स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शहर में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के लिए हो रही असुविधाओं का पूरी तरह ध्यान रखा जाएगा।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने फुटपाथ पर मौजूद अतिक्रमण, अवैध दुकानों और लावारिस वाहनों को देखकर जोनल अधिकारियों को पैदल चलाकर जनता के दर्द और असुविधा का अनुभव कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी फुटपाथ, रास्ते और धार्मिक स्थल, विशेष रूप से सिद्धनाथ मंदिर कॉरिडोर, जनता के लिए सहज और सुरक्षित बनाए जाएँ।
सिद्धनाथ कॉरिडोर, जिसकी लागत लगभग ₹4 करोड़ है, का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2024 तक पूरा हो चुका है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को आदेश दिए कि कॉरिडोर के सभी कार्यों का मानकों के अनुसार अध्ययन किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट और म्युरल्स सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हुए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि मंदिर के पास पाइप से गंदा पानी गंगा में जा रहा है, जिससे पर्यावरण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रभावित हो रही थी। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर ‘शोकपिट’ तकनीक के माध्यम से पानी को संग्रहित कर, बायोरेमेडिएशन प्रक्रिया के बाद ही गंगा में प्रवाहित किया जाए। साथ ही, परिसर की नालियों को दो दिन के भीतर साफ करने का भी आदेश दिया गया।
इसके अलावा, नई चुंगी से दुर्गा मंदिर तक भारी अतिक्रमण और लावारिस वाहन पाए गए। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन्हें तुरंत हटाने और संबंधित व्यक्तियों से ‘यूजर चार्ज’ वसूलने का निर्देश दिया। उन्होंने लाल पत्थर वाली दीवारों और ओवरब्रिज की धुलाई सप्ताह में दो बार सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया।
फुटपाथ पर अवैध दुकानों और पंचर की दुकानों के कारण आम जनता को हो रही असुविधा को देखते हुए नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारी, जोनल अभियंता और जोनल स्वच्छता अधिकारी को संयुक्त रूप से पैदल निरीक्षण करने और जनता की असुविधा महसूस करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रूमा से रामादेवी और जाजमऊ प्रवेश द्वारों पर सप्ताह में दो बार विशेष सफाई अभियान आयोजित किया जाए और धंसी हुई पुलिया और नालियों को 15 दिन के भीतर ठीक किया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अनूप बाजपेयी, मुख्य अभियंता जैदी, जोनल अधिकारी विजय कुमार, जोनल अभियंता दिवाकर भास्कर और जोनल स्वच्छता अधिकारी क्षितिज मिश्रा समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के प्रवेश द्वार और प्रमुख मंदिर मार्ग शहर की छवि हैं और यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही या गंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ।
नगर आयुक्त ने जाजमऊ-सिद्धनाथ कॉरिडोर का किया निरीक्षण