कानपुर/फतेहपुर। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच जरूरतमंदों की मदद के लिए समाजसेवी संस्थाएँ आगे आ रही हैं। इसी कड़ी में कानपुर निवासी समाजसेवी एवं सर्वहित विकास संस्थान की संस्थापिका इला बाजपेई ने फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र के कोर्स कनक ग्राम सभा स्थित बड़ी धोबिया बस्ती में गरीब और असहाय महिलाओं के लिए एक विशेष सहायता शिविर का आयोजन किया। यह शिविर उनकी माता स्वर्गीय सरोजिनी मिश्रा की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर आयोजित किया गया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग, विशेष रूप से वृद्ध, विधवा और निर्धन महिलाओं को सर्दियों की कड़ी ठंड से बचाना और उन्हें आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराना था। इस अवसर पर क्षेत्र की लगभग 200 महिलाओं को कंबल और 40 महिलाओं को शॉल प्रदान किए गए। इन वस्त्रों के वितरण से महिलाओं के चेहरे पर खुशी और राहत की झलक साफ दिखाई दी। ठंड के चलते शरीर को गर्म रखने के लिए यह सहयोग उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं था।
साथ ही, शिविर में उपस्थित सभी जरूरतमंद महिलाओं को बिस्किट, स्नैक और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण भी किया गया, ताकि उन्हें पोषण संबंधी सहायता भी मिल सके। शिविर में उपस्थित महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समय में समाज की मदद उनके लिए जीवनदायिनी साबित हुई है।
संस्थापिका इला बाजपेई ने कहा कि वर्तमान में ठंड का प्रकोप बहुत अधिक है और समाज के गरीब वर्ग, विशेषकर महिलाएँ और वृद्ध इसका सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया, “बढ़ती ठंड को देखते हुए गरीब, विधवा और असहाय महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए यह वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह मेरी माता सरोजिनी मिश्रा की स्मृति में किया गया सेवा कार्य समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का हिस्सा है।”
इला बाजपेई ने यह भी संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी कमजोर वर्ग के उत्थान और सहायता के लिए ऐसे कार्य निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के हर तबके तक मदद पहुँचाना और जरूरतमंदों के जीवन में सुख और सुविधा लाना संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है।
इस शिविर में इला बाजपेई के पिता रविकरण सिंह ने भी मुख्य रूप से उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। शिविर के आयोजन में संस्थान से जुड़े अनेक कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने विशेष सहयोग प्रदान किया। उन्होंने अपनी निष्ठा और मेहनत से कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
स्थानीय धोबिया बस्ती के निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संकट के समय में यह मदद उनके लिए जीवनदायिनी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि समाज के लिए यह संदेश है कि जब जरूरतमंदों की मदद के लिए समाज के जागरूक नागरिक सामने आते हैं, तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मानवता जीवित रहती है।
इस अवसर पर शिविर में उपस्थित महिलाओं ने संस्थापक और उनके साथियों को धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि उनके प्रयासों से क्षेत्र में गरीब और असहाय महिलाओं में विश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
संस्थापिका इला बाजपेई ने अंत में कहा, “सर्वहित विकास संस्थान समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और उनकी भलाई के लिए हमेशा तत्पर रहेगा। यह शिविर केवल एक शुरुआत है, और आने वाले वर्षों में ऐसे अनेक कार्यक्रम आयोजित कर जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने का प्रयास जारी रहेगा।”
इस प्रकार सर्वहित विकास संस्थान का यह सेवा प्रयास न केवल ठंड से राहत देने वाला साबित हुआ, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और मानवीय सहयोग का एक प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
सर्वहित विकास संस्थान ने गरीब महिलाओं के लिए सहायता शिविर का आयोजन