फेस अटेंडेंस मशीन की तकनीकी खामियों में उलझे नगर निगम कर्मचारी, वेतन न मिलने से बढ़ी परेशानी

कर्मचारी नेताओं की मांग पर नगर आयुक्त ने दो दिन में वेतन जारी करने के दिए निर्देश
कानपुर।
कानपुर नगर निगम में फेस अटेंडेंस प्रणाली की तकनीकी खामियों के चलते कई कर्मचारियों को वेतन न मिलने की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। इससे कर्मचारियों में असंतोष और आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस संबंध में कानपुर नगर निगम कर्मचारी संघ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त से मुलाकात कर कर्मचारियों का वेतन अब तक जारी न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त को अवगत कराया कि वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों को घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई एवं अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी नेताओं ने तत्काल वेतन भुगतान की मांग करते हुए इस समस्या के शीघ्र समाधान की आवश्यकता बताई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त आवेश खान को तत्काल प्रभाव से सभी कर्मचारियों का वेतन जारी कराने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी का वेतन तकनीकी कारणों से रोका जाना उचित नहीं है। निर्देश जारी होते ही कर्मचारियों में राहत की लहर दौड़ गई और कर्मचारी नेताओं ने नगर आयुक्त के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने फेस अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी खामियों की ओर भी नगर आयुक्त का ध्यान आकृष्ट कराया। नेताओं ने बताया कि फेस अटेंडेंस मशीन कई बार सही ढंग से कार्य नहीं करती, जिससे कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती और उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि इस प्रणाली में जल्द से जल्द तकनीकी सुधार किया जाए, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम में तत्कालीन नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जी.एन. के कार्यकाल में उपस्थिति और हाजिरी में कथित सिंडिकेट व्यवस्था को समाप्त करने के उद्देश्य से फेस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया था। इसके लिए करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया, जिसके माध्यम से मुख्यालय सहित सभी जोनों में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है।
हालांकि विभागीय सूत्रों के अनुसार फेस अटेंडेंस प्रणाली में कई तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। कई बार मशीन समय पर कार्य नहीं करती, तो कभी नेटवर्क या सॉफ्टवेयर की समस्या के चलते उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती। यहां तक कि मृत कर्मचारियों को भी सिस्टम में अनुपस्थित दिखाए जाने जैसे मामले सामने आने की बात कही जा रही है, जिससे व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल में कर्मचारी संघ अध्यक्ष मुत्रा हजारिया, महामंत्री रमाकांत मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीलू निगम, पूर्व अध्यक्ष देवीदीन भाऊ, उपाध्यक्ष नरेंद्र खत्रा, उपाध्यक्ष रामगोपाल चौधरी, संजय हजारिया, रवि सिंह, पप्पू गुप्ता, संजय मौर्य, दिलीप तांबे, संतोष वाघमार शामिल रहे। इसके अतिरिक्त नगर निगम कर्मचारी यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष कमरुद्दीन, सेनेटरी सुपरवाइजर संघ के महामंत्री उस्मान अली खान, चतुर्थ श्रेणी यूनियन के अध्यक्ष धीरज वाल्मीकि, सफाई मजदूर सभा कानपुर के अध्यक्ष सी.एल. बड़ेल, आदेश शुक्ला सहित अन्य कर्मचारी नेता भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि फेस अटेंडेंस प्रणाली की तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में कर्मचारियों को फिर से ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि जब तक सिस्टम पूरी तरह दुरुस्त न हो, तब तक कर्मचारियों की उपस्थिति एवं वेतन को इससे न जोड़ा जाए।

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