कानपुर।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जहां एक ओर यातायात नियमों के पालन को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नियमों एवं मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध आरटीओ प्रवर्तन विभाग द्वारा सख्त कार्यवाही भी की जा रही है। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जागरूकता और प्रवर्तन—दोनों पर समान रूप से जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में सड़क सुरक्षा माह के तहत आरटीओ प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा भीतरगांव ब्लॉक में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीडीओ, एडीओ, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सचिव, सभी ग्राम प्रधानों एवं ग्राम पंचायत सदस्यों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों द्वारा बताया गया कि दोपहिया वाहन चलाते समय चालक एवं पीछे बैठे व्यक्ति के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। साथ ही दोपहिया वाहन चालकों को छोड़कर अन्य सभी वाहन चालकों एवं वाहनों में सवार यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने, रॉन्ग साइड वाहन न चलाने तथा तेज गति से वाहन न चलाने के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पीटीओ (यात्री कर अधिकारी) अनिल कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा समय-समय पर जारी विभागीय निर्देशों एवं योजनाओं के तहत सड़क सुरक्षा को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कैशलेस उपचार सुविधा, हिट एंड रन, सोलैशियम स्कीम एवं राहवीर योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित सहायता प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि राहवीर योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को शासन/विभाग द्वारा ₹25,000 का नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों को मानवता के कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों, ग्राम प्रधानों एवं पंचायत सदस्यों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने एवं दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाने का आश्वासन दिया।
जागरूकता ही सड़क दुर्घटनाओं से बचाव का सशक्त माध्यम : सड़क सुरक्षा माह में जागरूकता व प्रवर्तन अभियान तेज