कानपुर—कड़ाके की ठंड के बीच मानवता और समाजसेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल उस समय देखने को मिली, जब समाजसेवी डॉ. ललित श्रीवास्तव ने नौबस्ता क्षेत्र के सागरपुरी में स्थित एक संस्था के गरीब एवं असहाय बच्चों को गर्म वस्त्र वितरित किए। इस सराहनीय पहल से न सिर्फ बच्चों को ठंड से राहत मिली, बल्कि उनके चेहरों पर मुस्कान भी लौट आई।
सागरपुरी क्षेत्र में संचालित यह संस्था वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। इसके साथ ही संस्था बच्चों की बुनियादी जरूरतों—जैसे शिक्षा सामग्री, भोजन और वस्त्र—का भी विशेष ध्यान रखती है। इसी संस्था से लंबे समय से जुड़े समाजसेवी डॉ. ललित श्रीवास्तव समय-समय पर बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करते आ रहे हैं।
गुरुवार को संस्था परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. ललित श्रीवास्तव ने बच्चों को गर्म जैकेट, स्वेटर व अन्य ऊनी वस्त्र वितरित किए। ठंड के मौसम में गर्म कपड़े पाकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई बच्चों ने खुशी-खुशी अपने नए कपड़े पहनकर डॉ. श्रीवास्तव का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर डॉ. ललित श्रीवास्तव ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों की मदद करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और मूलभूत जरूरतों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति मजबूत नहीं होगा, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। डॉ. श्रीवास्तव ने भविष्य में भी संस्था के बच्चों के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। संस्था के संचालकों ने डॉ. ललित श्रीवास्तव के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे समाजसेवियों की वजह से ही गरीब और जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की मदद बच्चों के मनोबल को बढ़ाती है और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करती है।कार्यक्रम के दौरान संस्था परिसर में सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। गर्म वस्त्र पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। स्थानीय लोगों ने भी डॉ. ललित श्रीवास्तव की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
सर्दी में मानवता की गर्माहट, डॉ. ललित श्रीवास्तव ने गरीब बच्चों को पहनाए गर्म वस्त्र