कानपुर।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) आज भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है और यह क्षेत्र देश के आर्थिक विकास का दूसरा सबसे मजबूत इंजन बनकर उभर रहा है। यह बात कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने होटल लैंडमार्क में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के ताज़ा आंकड़े इस तथ्य की पुष्टि करते हैं कि एमएसएमई क्षेत्र देश की कुल जीडीपी में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जो भारत की आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का स्पष्ट संकेत है।
सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि कृषि के बाद एमएसएमई देश का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता बन चुका है। वर्तमान में यह क्षेत्र लगभग 28 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई न केवल रोजगार सृजन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को भी मजबूती प्रदान कर रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार एमएसएमई इकाइयों को पारंपरिक बैंक ऋण के साथ-साथ पूंजी बाजार से जोड़ने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। आईपीओ (Initial Public Offering) के माध्यम से उद्योगों को सीधे जनता से निवेश प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है, जो कि बैंक ऋण की तुलना में अधिक लाभकारी है, क्योंकि यह इक्विटी पूंजी होती है जिस पर ब्याज चुकाने का बोझ नहीं पड़ता। इससे उद्योगों की वित्तीय स्थिति मजबूत होती है और वे विस्तार एवं आधुनिकीकरण की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ सकते हैं।
सांसद ने कहा कि कानपुर ऐतिहासिक रूप से एमएसएमई का बड़ा केंद्र रहा है। टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग, प्लास्टिक, हैंडलूम सहित अनेक लघु एवं मध्यम उद्योगों की यहां सशक्त परंपरा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से यह विचार था कि कानपुर के उद्योगों के लिए एक ऐसा विशेष सेमिनार आयोजित किया जाए, जहां उन्हें पूंजी बाजार, निवेश, विस्तार और आधुनिक आर्थिक अवसरों की प्रत्यक्ष जानकारी मिल सके।
उन्होंने जानकारी दी कि कुछ माह पूर्व उन्होंने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), मुंबई का दौरा किया था, जहां उन्होंने एनएसई के एमडी एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान से मुलाकात कर उन्हें कानपुर आने का आमंत्रण दिया। श्री चौहान ने इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया, जो कानपुर के औद्योगिक भविष्य के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
सांसद रमेश अवस्थी ने बताया कि 7 जनवरी को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक, होटल लैंडमार्क, कानपुर में यह महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इस सेमिनार में कानपुर एवं आसपास के सभी एमएसएमई उद्योगों के स्वामी, उद्यमी, व्यापारिक संगठन एवं एमएसएमई से जुड़े प्रतिनिधियों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस सेमिनार के माध्यम से एनएसई के एमडी आशीष चौहान के साथ मिलकर कानपुर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, उन्हें पूंजी बाजार से जोड़ने तथा दीर्घकालिक विकास की रणनीति पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।
सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि कानपुर का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, अधिक रोजगार के अवसर, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर कानपुर को उत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
अंत में सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि यह सेमिनार न केवल एमएसएमई उद्योगों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा, बल्कि कानपुर के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा और गति देने का कार्य करेगा। उन्होंने इसे प्रदेश में पहली बार आयोजित होने वाला एक अनोखा और ऐतिहासिक आयोजन बताया, जो आने वाले समय में कानपुर की औद्योगिक पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था का दूसरा इंजन, कानपुर बनेगा औद्योगिक विकास का मॉडल : सांसद रमेश अवस्थी