कानपुर।
पुलिस आयुक्त कार्यालय, कानपुर नगर में पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में शहर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक के आरंभ में पुलिस आयुक्त ने उपस्थित माननीय जनप्रतिनिधियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करना, शासन की प्राथमिकताओं को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर जीवन-परिस्थितियां उपलब्ध कराना रहा।
बैठक में पुलिस आयुक्त द्वारा साइबर अपराधों के निरंतर बदलते स्वरूप पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराध केवल तकनीकी समस्या न रहकर एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है। केवाईसी प्रक्रिया में मौजूद खामियों का लाभ उठाकर म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। हाल के प्रमुख साइबर अपराधों, उनकी कार्यप्रणाली, विवेचना के दौरान हुए खुलासों एवं अपराधियों से की गई बरामदगी की जानकारी भी साझा की गई।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि कानपुर नगर पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों, व्यापारिक संगठनों, चिकित्सक समुदाय एवं जनसभाओं के माध्यम से लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बैठक के दौरान साइबर क्राइम टीम द्वारा तैयार की गई एक लघु जागरूकता फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अत्यंत उपयोगी बताया। साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर एवं थानों में स्थापित साइबर हेल्पडेस्क की जानकारी देते हुए अपील की गई कि इस विषय में जनसभाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए।
बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विभिन्न चौराहों पर लागू यू-टर्न स्कीम के पुनरीक्षण, ई-रिक्शा एवं ठेला चालकों द्वारा फैल रही अव्यवस्था तथा हाइवे पर ई-रिक्शा संचालन से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका पर चिंता व्यक्त की गई। ई-रिक्शा के हाइवे पर संचालन पर सख्त रोक सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
काकादेव, गोविंद नगर, किदवई नगर, कल्याणपुर, अनवरगंज आदि थाना क्षेत्रों में सूखे नशे के बढ़ते प्रचलन पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। युवाओं पर इसके दुष्प्रभावों को देखते हुए नशे के अवैध कारोबार पर सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या पर भी चर्चा हुई। दुकानदारों द्वारा सड़क पर स्थायी निर्माण, ठेला व पटरी लगाकर यातायात बाधित करने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई गई। अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ स्थायी समाधान अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि पुनः अतिक्रमण न हो।
कल्याणपुर क्रॉसिंग, नौबस्ता चौराहा एवं बर्रा-7 क्षेत्र में ऑटो चालकों द्वारा बेतरतीब वाहन खड़े करने, अधिक सवारी भरने एवं यातायात नियमों की अनदेखी की शिकायतों पर सख्त नियंत्रण एवं नियमित चेकिंग के निर्देश दिए गए।
थाना परिसरों में पड़े कबाड़ के विधिक एवं सुरक्षित निस्तारण, नौरंगा व बेहटा जैसे क्षेत्रों में नई पुलिस चौकियों की आवश्यकता, तथा थानों व चौकियों पर शुद्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों द्वारा इन व्यवस्थाओं में सहयोग देने की सहमति व्यक्त की गई।
ऑपरेशन त्रिनेत्र के अंतर्गत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों एवं अन्य कैमरों की निरंतर क्रियाशीलता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया, जिससे अपराध नियंत्रण एवं निगरानी व्यवस्था और मजबूत हो सके।बैठक में कुछ थाना प्रभारियों एवं पुलिस कर्मियों के जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता के साथ व्यवहार को लेकर असंतोष भी व्यक्त किया गया। नशे का सेवन कर दुर्व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ने सभी थाना प्रभारियों व अधीनस्थ अधिकारियों को शालीन, संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ। पुलिस आयुक्त ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर उनके प्रभावी निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उक्त बैठक में कानपुर नगर के निर्वाचित प्रतिनिधियों में रमेश अवस्थी, प्रमिला पाण्डेय, सलिल विश्नोई, सुरेन्द्र मैथानी, नीलिमा कटियार, मोहित सोनकर उर्फ राहुल बच्चा, सरोज कुरील, अमिताभ बाजपेयी, मोहम्मद हसन रूमी एवं स्वपनिल वरुण उपस्थित रहे।
पुलिस आयुक्त कार्यालय में जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय एवं जनहित विषयों पर हुई महत्वपूर्ण बैठक