कानपुर में ठंड ने मौसम प्रेमियों और आम लोगों के लिए चेतावनी दी है। प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बना कानपुर, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य जनवरी तक शीतलहर और पाले का प्रकोप लगातार जारी रहने की संभावना है। घने कोहरे के कारण दृश्यता लगभग शून्य तक पहुंच गई है। वहीं, प्रदूषण का स्तर सामान्य से चार गुना अधिक दर्ज किया गया है। इस कारण सुबह-सुबह शहर में आवाजाही और सड़कों पर सफर करने वालों के लिए हालात कठिन हो गए हैं।।मौसम विभाग ने बताया कि रात का तापमान 2.2 डिग्री तक गिरकर 4.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जबकि दिन का तापमान भी 15.9 डिग्री तक सीमित रहा। कंपकंपाती ठंड और घना कोहरा नए साल की शुरुआत में भी लोगों को राहत नहीं देगा। जनवरी के पहले दो दिन हल्की धूप निकल सकती है, लेकिन सुबह से ही धुंध और उत्तर-पश्चिमी हवाओं की वजह से ठंड का असर लगातार बना रहेगा।
सीएसए मौसम विभाग के अनुसार, तीन जनवरी से लगातार मध्य जनवरी तक शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रह सकती है। रात के समय पूरे कानपुर मंडल में शीतलहर का प्रभाव रहेगा। मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि जनवरी के पहले सप्ताह तक ठंड के साथ कोहरा, धुंध और प्रदूषण में कोई खास कमी नहीं आएगी।
विशेष रूप से तीन जनवरी से रात में पाला पड़ने की संभावना है, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों में नमी बनाए रखें और ठंड से बचाव के उपाय करें।
शहरवासियों के लिए चेतावनी है कि ठंड के कारण सुबह और रात के समय सुरक्षित रूप से बाहर निकलें और कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की विशेष देखभाल करें। वहीं, वाहन चालकों को भी कोहरे और कम दृश्यता के कारण सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
कुल मिलाकर, कानपुर में आने वाले हफ्तों में ठंड, शीतलहर और कोहरे का असर लगातार महसूस किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अपनी दिनचर्या और यात्रा की योजना इस हिसाब से बनाएं और विशेष सावधानी रखें।
तीन जनवरी से कानपुर में हाड़कंपाऊ ठंड, कोहरा और प्रदूषण के बीच मध्य जनवरी तक शीतलहर जारी रहने का अनुमान