कानपुर। उत्तर प्रदेश ऑटो-लोडर संयुक्त कल्याण समिति (रजि.) ने कानपुर मण्डल के संभागीय परिवहन अधिकारी को ज्ञापन देकर वाहन फिटनेस प्रक्रिया में चल रही भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का गंभीर मुद्दा उठाया है। समिति का कहना है कि सरकार द्वारा वाहन फिटनेस का ठेका निजी कंपनी एयर सेल्स कॉर्पोरेशन को दिए जाने के बाद से अवैध वसूली, दलाली और रिश्वतखोरी का खुला खेल शुरू हो गया है। समिति के अनुसार पहले आरटीओ कार्यालय में लगभग 2000 रुपये में फिटनेस हो जाती थी, लेकिन अब कंपनी के अधिकारी, वर्कर और दलालों की गठजोड़ में वाहनों को जानबूझकर अन्फिट दिखा दिया जाता है। फिटनेस फीस लेने के बाद भी कागज़ों में गाड़ी फेल कर दी जाती है। अगले ही दिन उन्हीं दलालों के माध्यम से 8000 से 10,000 रुपये लेकर बिना किसी मरम्मत के वही वाहन फिट कर दिया जाता है। समिति ने आरोप लगाया कि यह पूरा नेटवर्क मिलकर गरीब गाड़ी मालिकों का शोषण कर रहा है, जिससे वाहन चालकों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ रहा है।समिति ने मांग की है कि इस पूरे भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराकर निजी कंपनी एयर सेल्स कॉर्पोरेशन का लाइसेंस तत्काल रद्द किया जाए, ताकि गाड़ी मालिकों को राहत मिल सके और फिटनेस प्रक्रिया पारदर्शी हो सके। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष राजीव जायसवाल विक्की, प्रबंधक रूहीद खान बीटू, दिवाकर मिश्रा, मो. समीम (कानपुर जिला अध्यक्ष) सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
वाहन फिटनेस में भ्रष्टाचार उफान पर: ऑटो-लोडर समिति ने सौंपा ज्ञापन