15 दिन में प्रदर्शन सुधारने के सख्त निर्देश, खराब प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई
कानपुर ।केंद्रीय एवं राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु विकास भवन में आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) दीक्षा जैन ने बैंकों के कमजोर प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में सीएम युवा, पीएम सूर्यघर, कृषि अवसंरचना निधि (AIF) तथा पीएमएफएमई जैसी योजनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
बैठक की शुरुआत सीएम युवा योजना की समीक्षा से हुई। युवाओं को उद्यमिता एवं कौशल विकास से जोड़ने वाली इस योजना में बैंकों की अत्यंत धीमी प्रगति पर सीडीओ ने नाराज़गी जताई। विशेष रूप से निजी बैंकों की उदासीनता को गंभीर बताते हुए निर्देश दिया गया कि विशेष अभियान के अंतिम सप्ताह में प्रत्येक शाखा कम से कम एक आवेदन स्वीकृत एवं वितरित करेगी। साथ ही रिवर्स सोर्सिंग के माध्यम से अधिकाधिक आवेदन जुटाने का निर्देश दिया गया।खराब प्रदर्शन करने वाले बैंक—भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा तथा पंजाब नेशनल बैंक—के विरुद्ध उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। इसके बाद पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा की गई। सीडीओ ने सभी शाखाओं को कैंप लगाकर ऋण वितरण बढ़ाने और लाभार्थियों को अधिकाधिक योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। कृषि अवसंरचना निधि (AIF) योजना पर चर्चा के दौरान यह पाया गया कि वित्तीय वर्ष के 8 माह बीतने के बाद भी जिले में केवल 11% प्रगति दर्ज की गई है। सीडीओ ने इस पर कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए अगले 15 दिनों में उल्लेखनीय सुधार लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
पीएमएफएमई योजना की समीक्षा में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा में सर्वाधिक लंबित मामले पाए गए, जबकि कई निजी बैंकों की प्रगति लगभग शून्य रही।
सीडीओ ने सभी बैंकों को चेतावनी दी कि सभी सरकारी योजनाओं में ठोस प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 15 दिनों बाद योजनाओं की पुनः समीक्षा होगी और यदि सुधार नहीं पाया गया तो संबंधित बैंकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों में जीएम डीआईसी अंजनीश प्रताप सिंह, लीड बैंक मैनेजर आदित्य चंद्र, जिला उद्यान अधिकारी उमेश उत्तम, डीडीएम नाबार्ड राहुल यादव, पीडी यूपीनेडा राकेश पांडे, सहायक अग्रणी जिला प्रबंधक सृष्टिका तिवारी सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक शामिल रहे। बैंकों ने दिए गए निर्देशों एवं लक्ष्य पूर्ति के प्रति सहमति व्यक्त की।