1984 के हत्याकांड का वांछित ‘प्रेम प्रकाश’ अब ‘प्रेम कुमार’ बनकर बिता रहा था जीवन; पुलिस टीम को ₹25,000 का पुरस्कार
कानपुर-कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की फीलखाना थाना पुलिस को एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है पुलिस ने 40 वर्षों से अधिक समय से फरार चल रहे 1984 के एक हत्याकांड के मुख्य आरोपी को गोंडा जिले से गिरफ्तार कर लिया है, पुलिस के अनुसार, यह शातिर हत्या का आरोपी मूल रूप से कानपुर के बंगाली मोहाल का रहने वाला है हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बचा रहा था, जाँच में पता चला कि इतने लंबे समय से फरार चल रहे इस बदमाश ने अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी उसका वास्तविक नाम प्रेम प्रकाश उर्फ पप्पू था, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए वह प्रेम कुमार नाम से गोंडा में रह रहा था और सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था, पुलिस कमिश्नरेट की टीम लंबे समय से इस पुराने मामले के वांछित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी लगातार की जा रही तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से फीलखाना पुलिस को आखिरकार आरोपी के गोंडा में छिपे होने की सटीक जानकारी मिली, सूचना मिलते ही, फीलखाना पुलिस की एक विशेष टीम ने गोंडा में दबिश दी और नाम बदलकर रह रहे प्रेम कुमार (वास्तविक नाम: प्रेम प्रकाश उर्फ पप्पू) को धर दबोचा, 40 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी को कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली फीलखाना पुलिस टीम को उनकी उत्कृष्ट कार्य क्षमता के लिए ₹25,000 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा, आरोपी को कानपुर लाकर उससे 1984 की घटना और इतने लंबे समय तक छिपने में मदद करने वाले अन्य लोगों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है इस गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितने भी साल छिप जाए, कानून के हाथों से बच नहीं सकता।