डॉक्टर की आतंकी संलिप्तता पर बोले कार्डियोलॉजी निदेशक राकेश वर्मा ‘पेशे की छवि की धूमिल’
कानपुर-दिल्ली बम ब्लास्ट के एक गिरफ्तार आरोपी के तार कानपुर से जुड़े होने के बाद शहर में हड़कंप मच गया है पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के सख्त निर्देशों पर कानपुर नगर पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी डॉ. आरिफ पर कार्डियोलॉजी संस्थान ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यवाही शुरू कर दी है दिल्ली बम ब्लास्ट में मारे गए आतंकी उमर के साथी और चर्चित अस्पताल लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) में कार्यरत डॉ. आरिफ की गिरफ्तारी के बाद संस्थान ने बड़ा कदम उठाया है कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद डॉ. आरिफ की तकरीबन 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह मिलने वाले वेतनमान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है इसके साथ ही, डॉ. वर्मा ने उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय को एक कड़ा पत्र लिखा है इस पत्र में डॉ. आरिफ के आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने की पूरी जानकारी देते हुए उनकी बर्खास्तगी की कार्यवाही के लिए संस्तुति की गई है निदेशक डॉ राकेश वर्मा ने पत्र में स्पष्ट कहा है कि “डॉक्टर जैसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पेशे में रहते हुए डॉ. आरिफ का आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाया जाना अत्यंत गंभीर है उनके इस कृत्य ने पूरे चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों की छवि धूमिल करने का काम किया है।”दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद हुई जांच में डॉ. आरिफ का कनेक्शन मारे गए आतंकी उमर और डॉ. शाहीन से मिला था डॉ. आरिफ अशोक नगर स्थित फातिमा स्कूल के बगल में एक अपार्टमेंट में किराए पर रहता था जानकारी के अनुसार, एटीएस ने बीते बुधवार शाम को डॉ. आरिफ को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया था, चर्चित अस्पताल में डॉक्टरी पेशे की आड़ में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के इस मामले पर कार्डियोलॉजी अस्पताल प्रबंधन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कठोरतम कार्यवाही की दिशा में कदम बढ़ाए हैं