कानपुर-कानपुर की गुरु नानक नाम लेवा संगत द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पर्व को समर्पित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सहज पाठ, जो श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व (6 जनवरी 2025) को प्रारंभ किए गए थे, उन 1100 सहज पाठों की संपूर्णता रविवार को गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, चौक कानपुर में प्रातः 9:30 से 11:00 बजे तक की गई गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्किल एवं श्री गुरु सिंह सभा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कानपुर की संगत ने सामूहिक रूप से सहज पाठों का समापन किया तथा फरवरी 2027 में आने वाले शिरोमणि भक्त रविदास जी के 650वें जन्मोत्सव को समर्पित सहज पाठों का आरंभ भी इसी स्थान पर संगत द्वारा किया गया कार्यक्रम को लेकर संगत में अत्यंत उत्साह देखा गया प्रातःकाल से ही संगत गुरुद्वारा साहिब में पहुंचनी प्रारंभ हो गई थी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे नतमस्तक संगत के साथ गुरुद्वारा साहिब का वातावरण अत्यंत सौम्य, शांतिमय एवं श्रद्धा से परिपूर्ण था बीबी कुलदीप कौर (नीना बहन जी) ने उपस्थित संगत को “श्लोक (नौवीं पातशाही)” का पाठ करवा कर सहज पाठों की संपूर्णता करवाई श्री गुरु सिंह सभा कानपुर के प्रधान सरदार हरविंदर सिंह लॉर्ड ने अपने संबोधन में संगत को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जीवन से मानवता, धैर्य एवं धर्म की रक्षा हेतु बलिदान की भावना को आत्मसात करना चाहिए उन्होंने संगत से विनम्र आग्रह किया कि ब्रह्मलीन ब्रह्मज्ञानी 108 संत बाबा मोहन सिंह जी द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार आनंद कारज हेतु बारात सीधे गुरुद्वारा साहिब पहुँचे, 12 बजे से पूर्व आनंद कारज की संपूर्णता हो, अंतिम अरदास भी समयानुसार की जाए तथा भोग/अंतिम संस्कार के अवसर पर दिया जाने वाला लंगर भव्य न होकर सादगीपूर्ण (दाल, सब्जी एवं रोटी) रूप में हो, जिसमें परिवार एवं नज़दीकी संगत ही सम्मिलित हो, ताकि निर्धन वर्ग की उपेक्षा न हो उन्होंने यह भी कहा कि संत बाबा मोहन सिंह जी के इन पावन बचनों का पालन आज से ही सख्ती एवं श्रद्धा के साथ किया जाए और करवाया जाए इस अवसर पर, श्री गुरु सिंह सभा द्वारा 500 से अधिक संगत जनों को सारोपा देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम के समापन पर गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्किल के प्रदेश उपाध्यक्ष सरदार मनमीत सिंह ने उपस्थित संगत एवं सभी सेवादारों का हृदय से धन्यवाद किया।
श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पर्व को समर्पित सहज पाठों की संपूर्णता