राष्ट्रीय गीता भाषण प्रतियोगिता में कानपुर विश्वविद्यालय की गूंज

वीएसएसडी कॉलेज के प्रतीक श्रीवास्तव ने जीता तृतीय “कर्मयोगी पुरस्कार”, गीता शोध पीठ के नेतृत्व में विश्वविद्यालय टीम ने बढ़ाया गौरव

दिल्ली/कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के लिए गर्व का अवसर तब आया जब विश्वविद्यालय के छात्रों ने जिओ गीता, कुरुक्षेत्र द्वारा आयोजित राष्ट्रीय गीता भाषण प्रतियोगिता 2025 में शानदार प्रदर्शन किया।
दिल्ली के ताल कटोरा स्टेडियम में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें कानपुर विश्वविद्यालय की टीम ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

प्रतीक श्रीवास्तव को राष्ट्रीय स्तर पर मिला तृतीय स्थान

कानपुर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए वीएसएसडी कॉलेज के प्रतिभावान छात्र प्रतीक श्रीवास्तव ने अपने प्रेरणादायी भाषण से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए राष्ट्रीय स्तर के श्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों में स्थान बनाया।
उन्हें इस प्रतियोगिता में “तृतीय स्थान — कर्मयोगी पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
प्रतीक की इस उपलब्धि ने न केवल विश्वविद्यालय का बल्कि पूरे कानपुर का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन किया।

कानपुर विश्वविद्यालय की टीम ने दिखाई मजबूत भागीदारी

इस प्रतियोगिता में कानपुर विश्वविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों से कुल 9 छात्रों ने भाग लिया।

पीपीएन कॉलेज से 5 प्रतिभागी,

वीएसएसडी कॉलेज से 3 प्रतिभागी,

और विश्वविद्यालय कैंपस से 1 विद्यार्थी शामिल रहा।

इन छात्रों ने गीता के कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्ति योग के गूढ़ संदेशों पर आधारित भाषण प्रस्तुत किए, जिन्हें निर्णायकों ने अत्यंत सराहनीय बताया।

महापुरुषों और केंद्रीय नेताओं की उपस्थिति में हुआ सम्मान समारोह

सम्मान समारोह ताल कटोरा स्टेडियम, नई दिल्ली में भव्य रूप से आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहकार्यवाह अरुण कुमार, सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, तथा सांसद बांसुरी स्वराज विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
इन्हीं गणमान्य अतिथियों के करकमलों से प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

गीता शोध पीठ के समन्वयक और प्राध्यापकों ने किया नेतृत्व

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर का नेतृत्व श्रीमद्भगवद् गीता एवं वैदिक वाङ्मय शोध पीठ के समन्वयक डॉ. अनिल गुप्ता एवं पीपीएन कॉलेज की प्रोफेसर मीना गुप्ता ने किया।
दोनों ने विद्यार्थियों को गीता के गूढ़ सिद्धांतों पर आधारित संवाद कला, वैदिक ज्ञान और भाषण प्रस्तुति में प्रशिक्षण दिया था।

विश्वविद्यालय परिवार में खुशी की लहर

विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रतीक श्रीवास्तव और उनकी टीम को बधाई दी है।
कुलपति प्रो. (यदि चाहें तो नाम जोड़ा जा सकता है) ने कहा कि यह सफलता “नवीन भारत में गीता दर्शन की जीवंतता और युवाओं की वैचारिक क्षमता का प्रतीक है।”
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आगे भी वैदिक वाङ्मय और भारतीय संस्कृति के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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