फर्जी दस्तावेजों से जमीन बेचने की शिकायत, छह पीड़ितों ने दर्ज कराई एफआईआर — पुलिस ने शुरू की जांच
कानपुर। पनकी क्षेत्र की चर्चित रियल एस्टेट कंपनी कृष्णा होम बिल्डर्स के संचालक अविनाश पाल सहित दो अन्य पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगा है। कल्याणपुर निवासी छह लोगों ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि संचालक अविनाश पाल, मुख्तार आम और दीपक मिश्रा ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन दिलाने के नाम पर 1.13 करोड़ रुपये हड़प लिए।
एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह के आदेश पर एसीपी पनकी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और दस्तावेजों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।
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ग्राम असई और अनूपपुर की जमीन पर फर्जी बैनामा का आरोप
पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने कानपुर देहात के मैथा तहसील स्थित ग्राम असई और अनूपपुर की जमीनों का कूटरचित बैनामा कराया। यह बैनामा 19 जून 2020 से 11 नवंबर 2020 के बीच किया गया था।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जानबूझकर गाटा संख्या 396 की जगह 393 दर्ज कर दी गई, जबकि यह भूमि उनके नाम पर नहीं थी। इस फर्जीवाड़े के जरिए पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया गया कि उन्हें उक्त गाटा की जमीन मिल जाएगी।
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छह पीड़ितों से ली गई अलग-अलग रकम
पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें अलग-अलग रकम निवेश के रूप में देने के लिए कहा।
दया शंकर गुप्ता से 60 लाख रुपये,
शैलेंद्र गुप्ता से 8 लाख रुपये,
अक्षय गुप्ता से 5 लाख रुपये,
कृष्ण कुमार राजपूत से 6.65 लाख रुपये,
संजय कुमार से 10 लाख रुपये,
और दूरबीन सिंह से 23.40 लाख रुपये लिए गए।
कुल मिलाकर रकम 1 करोड़ 13 लाख रुपये से अधिक हो गई। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने रकम की वापसी या प्लॉट का कब्जा मांगा, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
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आरोपियों का पक्ष — कहा, कुछ रकम लौटाई, कुछ मामला कोर्ट में
मुख्तार आम और दीपक मिश्रा ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि कुछ लोगों को उनकी रकम लौटा दी गई है और कुछ मामलों में विवाद कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि वे किसी भी प्रकार की ठगी में शामिल नहीं हैं और पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
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एडीसीपी कपिल देव सिंह बोले — जांच जारी है
एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि रियल एस्टेट से जुड़ी इस तरह की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए नागरिकों को जमीन खरीदने से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच और सत्यापन कराना चाहिए।
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