कानपुर।
शहर में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर उठते सवालों के बीच, कानपुर की महापौर प्रमिला पांडे ने एक बार फिर अपनी सख्त कार्यशैली से विभागीय लापरवाही की पोल खोल दी। नागरिकों की शिकायत पर महापौर ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और खुद हथौड़ा चलाकर सड़क की हकीकत सामने ला दी। यह मामला संगीत टॉकीज से चंद्रिका देवी चौराहे तक किए गए पैच वर्क का है, जो बनने के अगले ही दिन उखड़ने लगा।
शिकायत के बाद तुरंत हुई कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने नगर निगम और महापौर से शिकायत की थी कि जिस सड़क पर हाल ही में पैच वर्क कराया गया था, वह एक दिन में ही टूटने लगी है। सड़क की सतह जगह-जगह से उखड़ गई थी, जिससे राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नागरिकों का कहना था कि सड़क पर मानक के विपरीत घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है और निर्माण के दौरान निगरानी नहीं की गई।
महापौर खुद पहुंचीं मौके पर
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए महापौर प्रमिला पांडे शुक्रवार को अचानक स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचीं। मौके पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि सड़क का ऊपरी हिस्सा बहुत कमजोर था। उन्होंने तुरंत हथौड़ा मंगवाया और खुद सड़क पर प्रहार किया। महापौर के हथौड़े के वार से सड़क का पैच वर्क आसानी से उखड़ गया। यह देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और मौके पर ही लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को फोन कर फटकार लगाई।
“जनता के पैसे से मजाक बर्दाश्त नहीं” – महापौर
महापौर ने स्पष्ट कहा कि जनता के पैसे से किए जा रहे कार्यों में धांधली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, “अगर सड़क एक दिन में उखड़ रही है तो यह जनता के साथ धोखा है। ऐसे ठेकेदारों को काली सूची में डालना चाहिए।”
विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल
महापौर की इस सख्त कार्रवाई से यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर निर्माण कार्यों की निगरानी कौन कर रहा है? जब कार्य पूरा हुआ, तो गुणवत्ता जांच के दौरान इतनी बड़ी खामी कैसे छिपी रह गई? स्थानीय लोगों ने बताया कि पैच वर्क में कम मोटाई और घटिया बिटुमिन का उपयोग किया गया, जिससे सड़क पहली ही बारिश या दबाव में टूट गई।
कार्रवाई के आदेश, ठेकेदार पर गाज गिरने के आसार
महापौर के निर्देश के बाद नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में लापरवाह अधिकारियों पर भी जिम्मेदारी तय की जा सकती है। महापौर ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस जांच की मॉनिटरिंग करेंगी ताकि जनता के पैसे की बर्बादी पर अंकुश लगाया जा सके।
जनता ने सराहा महापौर की तत्परता
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने महापौर के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में यह एक मजबूत संदेश है। एक निवासी ने कहा, “महापौर का खुद सड़क पर हथौड़ा चलाना बताता है कि वह सिर्फ दफ्तर में बैठकर आदेश देने वाली नेता नहीं हैं, बल्कि जनता के बीच उतरकर काम देखने वाली जनप्रतिनिधि हैं।”
घटिया निर्माण पर शहर में मचा हड़कंप
महापौर की सख्ती के बाद शहर के अन्य निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों और इंजीनियरों में हड़कंप मच गया है। कई स्थानों पर कार्यों की गुणवत्ता की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। नगर निगम सूत्रों के मुताबिक, अब हर बड़े पैच वर्क या सड़क निर्माण से पहले गुणवत्ता जांच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से ली जाएगी