कानपुर। रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में कानपुर जीआरपी ने एक बार फिर संवेदनशीलता और तत्परता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. के. और पुलिस महानिरीक्षक रेलवे मोदक राजेश डी. राव के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रयागराज प्रशांत वर्मा की देखरेख में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मुस्कान’ एवं ‘मिशन शक्ति फेज-5’ के तहत, जीआरपी कानपुर सेंट्रल की टीम ने एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंपा।
प्लेटफार्म पर अकेली बैठी मिली लड़की, जीआरपी ने दिखाई तत्परता
घटना के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में जीआरपी टीम सोमवार को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर नियमित गश्त, सर्कुलेटिंग एरिया और वेटिंग हॉल में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम को प्लेटफार्म संख्या 4/5 पर एक नाबालिग लड़की (काल्पनिक नाम – मुस्कान) अकेली और असहज अवस्था में बैठी मिली। पुलिस टीम ने तुरंत उसके पास जाकर पूछताछ की, जिसमें पता चला कि वह लखनऊ की रहने वाली है और अपने परिजनों से नाराज होकर बिना बताए घर से कानपुर चली आई थी।
महिला पुलिसकर्मियों ने संभाली जिम्मेदारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, महिला हेड कांस्टेबल विपिन यादव ने संवेदनशीलता के साथ लड़की को अपने संरक्षण में लिया और उसे सुरक्षा हेतु महिला हेल्प डेस्क पर लाया गया। टीम ने तुरंत उसके परिजनों को संपर्क करने के प्रयास शुरू किए। थोड़ी ही देर में लड़की के पिता गिरीश प्रसाद से संपर्क स्थापित हुआ। सूचना मिलते ही वे परिवार सहित जीआरपी थाना पहुंचे।
कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिवार को सौंपा गया बच्चा
सभी कानूनी औपचारिकताओं के बाद, जीआरपी टीम ने नाबालिग को सकुशल उसके पिता के सुपुर्द किया। इस दौरान लड़की के परिवारजन भावुक हो उठे और पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “अगर जीआरपी ने तत्परता न दिखाई होती, तो शायद हमारी बेटी किसी अनहोनी की शिकार हो जाती।”
मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल बनी कानपुर जीआरपी
इस कार्रवाई से एक ओर जहां पुलिस की संवेदनशील छवि सामने आई, वहीं रेलवे यात्रियों में सुरक्षा और भरोसे की भावना भी मजबूत हुई। परिजनों और स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने जीआरपी की सजगता, संवेदनशीलता और मानवता भरे दृष्टिकोण की सराहना की।
अभियान का उद्देश्य : हर गुमशुदा बच्चे को घर तक पहुंचाना
‘ऑपरेशन मुस्कान’ और ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों और महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करना है, जो किसी कारणवश घर से दूर हो गए हैं या अपराध का शिकार बनने की आशंका में हैं। कानपुर जीआरपी ने अब तक ऐसे कई मामलों में गुमशुदा बच्चों को बरामद कर उनके परिवारों से मिलाने का कार्य किया है, जिससे समाज में पुलिस की सकारात्मक छवि मजबूत हुई है।
सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम
इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह, व.उ.नि. विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक मुकुंद लाल, अभिषेक शुक्ला, हेड कांस्टेबल बृजेश शर्मा, राजेन्द्र प्रताप सिंह, अभय प्रताप सिंह, विशाल सिंह, वैश खान, चन्द्रेश सिंह, हरपाल सिंह, महिला हेड कांस्टेबल विपिन यादव, तथा कांस्टेबल सत्येन्द्र सिंह, शिवेन्द्र कुमार और राहुल कुमार शामिल रहे।
अधिकारियों ने टीम की तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इसे पुलिस की सकारात्मक छवि का प्रतीक बताया और कहा कि ऐसी कार्रवाइयां समाज में पुलिस पर भरोसा बढ़ाती हैं।