‘शो योर टैलेंट’ पहल से सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर गूंजे कवि हृदय के स्वर
कानपुर, दिनांक 02 नवम्बर 2025।
कानपुर मेट्रो यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक परिवहन सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ अब साहित्य और संस्कृति के संवाहक के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इसी श्रृंखला में कानपुर मेट्रो की पहल “शो योर टैलेंट” के तहत आज ‘हिंदीवाला’ संस्था के सहयोग से कानपुर सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर काव्य पाठ का भव्य आयोजन किया गया।
इस अवसर पर शहर और बाहर से आए अनेक युवा कवियों ने मंच साझा करते हुए अपनी रचनाओं के माध्यम से यात्रियों को भावनाओं, संवेदनाओं और प्रेरणा के सागर में डुबो दिया। स्टेशन परिसर कविताओं की गूंज से देर तक सराबोर रहा।
🎤 कविता के रंगों से सजा सेंट्रल मेट्रो स्टेशन
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 1 बजे हुआ, जिसके साथ ही कवियों की प्रस्तुति का सिलसिला शुरू हो गया।
डॉ. दिव्यांशु पांडेय की कविता “चांद ने भी नजर छुपाकर कहा, मैं चमक बस रहा चांदनी के लिए” ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
युवा कवि करतल किशोर की पंक्तियां “सुख पल दो पल में बूढ़ा हो जाता है, दुःख की दुल्हन नई नवेली रहती है” देर तक श्रोताओं के मन में गूंजती रहीं।
वहीं अतुल फर्रूखाबादी की प्रेरणादायक पंक्तियां “दिल गम से लड़ने की हिम्मत करते रहिए, खुश रहिए और मोहब्बत करते रहिए” ने माहौल में सकारात्मक ऊर्जा भर दी।
शुभम तिवारी ने अपनी रचना “ये दुनिया जाने क्या क्या चाहती है, मगर मीरा तो कान्हा चाहती है” सुनाकर सबको भक्ति और भावना के रंग में रंग दिया।
इनके अलावा डॉ. अशोक अग्रहरि, अभिषेक सिंह अभिमन्यु, अंकिता श्रीवास्तव, ऋचा तिवारी, शुभम कुमार, शैलेन्द्र कुमार जमीर, आनंद ठाकुर, गोपाल जी शुक्ला, उत्कर्ष त्रिपाठी, अभिषेक कुशवाहा, अक्षय मिश्रा, ज्योति, रत्नेश सृजन, रिषिका शर्मा, गोविंद द्विवेदी, अभिषेक, आकाश, राधा, अरुण राठौर, और हरप्रीत कौर जैसे कवियों ने अपनी कविताओं और ग़ज़लों से कार्यक्रम को ऊँचाई दी।
विशेष आकर्षण रहे पूर्व आईएएस अधिकारी अनुराग पटेल, जिन्होंने अपनी कविता से युवाओं को रचनात्मकता और संवेदना की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन कवि शुभम तिवारी ने किया।
🌟 “शो योर टैलेंट” – नई प्रतिभाओं को मंच देने की पहल
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों और यात्रियों ने कानपुर मेट्रो की इस सांस्कृतिक पहल की सराहना की। उनका कहना था कि “शो योर टैलेंट” जैसी पहल न केवल युवाओं को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर देती है, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान को भी नई दिशा प्रदान करती है।
कानपुर मेट्रो के इस अभियान के अंतर्गत नवोदित कलाकारों को कविता, संगीत, नृत्य, बैंड, नुक्कड़ नाटक और अन्य कलाओं की प्रस्तुति के लिए मेट्रो स्टेशनों पर मंच दिया जा रहा है।
इच्छुक कलाकार या संस्थाएं अपना नाम और मोबाइल नंबर के साथ [email protected] पर संपर्क कर सकती हैं।