महिला की बहादुरी से वर्दी की आड़ में छिपी करतूत आई सामने, पुलिस कमिश्नर ने कांस्टेबल को किया सस्पेंड
कानपुर। शहर में महिला सुरक्षा की एक मिसाल पेश करते हुए एक साहसी महिला ने सड़क पर छेड़खानी करने वाले सिपाही को ‘कनपुरिया स्टाइल’ में सबक सिखा दिया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने राह चलती महिला से बदसलूकी की, जिसके बाद महिला ने हिम्मत दिखाते हुए उसे कॉलर से पकड़ लिया और सीधे थाने तक खींच लाई। घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस कमिश्नर ने आरोपी कांस्टेबल को तत्काल निलंबित कर दिया।
यह घटना काकादेव थाना क्षेत्र के आरटीओ ऑफिस के पास हल्द्वानी पुल के नीचे बुधवार दोपहर की है। लोहरान भट्टा की रहने वाली 38 वर्षीय महिला स्टाम्प पेपर खरीदने वहां गई थीं। महिला का आरोप है कि नजीराबाद थाना क्षेत्र की PRV-4721 पर तैनात कांस्टेबल बृजेश सिंह ने उसे अकेला देखकर अभद्र टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं।
महिला ने बताया, “शुरू में मैं चुप रही क्योंकि मैं अकेली थी, लेकिन जैसे-जैसे वह बढ़ता गया, उसका हौसला भी बढ़ गया।” डर के बावजूद महिला घर पहुंची और अपनी मां और बहन को पूरी बात बताई। तीनों ने मिलकर आरोपी को सबक सिखाने का निश्चय किया और मौके पर पहुंचीं — जहां कांस्टेबल अब भी मौजूद था।
जैसे ही महिलाओं ने उसका वीडियो बनाने की कोशिश की, आरोपी सिपाही ने मोबाइल छीनने और हाथ मरोड़ने की कोशिश की। लेकिन महिला डरी नहीं — उसने उसका कॉलर पकड़ लिया और राहगीरों की मदद से काकादेव पुलिस स्टेशन तक खींच ले गई। महिला ने मौके से 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
इस मामले में एसीपी स्वरूप नगर सुमित रामटेके ने बताया कि, “महिला की शिकायत पर कांस्टेबल बृजेश सिंह के खिलाफ आईपीसी की छेड़छाड़ और अभद्रता से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।”
पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्दी में रहते हुए किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या महिला उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानपुर में इस घटना ने एक ओर जहां पुलिस विभाग में जिम्मेदारी और अनुशासन पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर इस बहादुर महिला की हिम्मत ने समाज में महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण पेश किया है।