मांगें पूरी न होने से दिव्यांगजनों में रोष, शासन पर उपेक्षा का आरोप
कानपुर।
दिव्यांग महागठबंधन की ऑनलाइन बैठक में 19 नवम्बर को लखनऊ स्थित गांधी प्रतिमा, हजरतगंज पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में आरोप लगाया गया कि एलआईयू द्वारा दी जा रही गलत सूचनाओं के आधार पर पुलिस महागठबंधन के पदाधिकारियों का उत्पीड़न कर रही है। इसके चलते निर्णय लिया गया कि आंदोलन से एक सप्ताह पूर्व पदाधिकारी घर छोड़ देंगे।
महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन स्तर पर मार्च से अब तक आधा दर्जन बार वार्ता होने के बावजूद मांगें पूरी नहीं हुईं।
महागठबंधन ने सरकार से 27 सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें पेंशन ₹5000 प्रतिमाह, शिक्षित बेरोजगार दिव्यांगों को नियुक्ति, नौकरी में आरक्षण कोटा पूर्ण करना, निःशुल्क आवास व आयुष्मान कार्ड सुविधा प्रमुख हैं।
वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि आंदोलन शिक्षित बेरोजगार दिव्यांगजनों के जीवन बचाने के लिए है और सरकार ने जो आश्वासन दिया था, उसे तत्काल पूरा किया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष मनीष प्रसाद ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ऑनलाइन बैठक में प्रदेश भर के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी—राजकुमार, धर्मेंद्र यादव, दिलशाद मलिक, मुकेश कुमार भारती, कालका प्रसाद, तेज बहादुर, रामनिहाल, आरती राना, अजय कुमार, राहुल कुमार, सरला व जितेन्द्र गुप्ता सहित कई संगठनों के सदस्य शामिल हुए।