मनीष गुप्ता
कानपुर।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरि दत्त नेमी ने बताया कि दीपावली का पर्व हिन्दू समुदाय द्वारा हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस अवसर पर बाजारों में अत्यधिक भीड़ होती है तथा घरों, प्रतिष्ठानों और मैदानों में पटाखे एवं आतिशबाजी की जाती है। दीपावली के दिन दीप व मोमबत्तियां जलाने से आग लगने एवं घायल होने की सम्भावना बनी रहती है।
इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सालयों में विशेष चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि —
यू.एच.एम. अस्पताल में 20 बेड,
एल.एल.आर. अस्पताल में 30 बेड,
के.पी.एम. अस्पताल में 10 बेड,
माँ कांशीराम अस्पताल में 10 बेड,
तथा प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) पर 5-5 बेड आकस्मिक स्थिति हेतु आरक्षित रखे गए हैं।
बर्न वार्ड को आवश्यक उपकरणों व दवाओं से पूर्णतः सुसज्जित रखा गया है। विशेष रूप से बर्न व आँखों की दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। साथ ही, सर्जन एवं नेत्र-शल्य चिकित्सकों को रिजर्व ड्यूटी पर रखा गया है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
पटाखों से जल जाने पर सावधानियां —
1. जले हुए हिस्से को रनिंग वाटर (बहते पानी) या हल्के ठंडे पानी से धोएं। बर्फ से सिकाई न करें।
2. गंभीर जलने या चोट लगने की स्थिति में तुरंत निकटतम चिकित्सा इकाई पर पहुंचें।
24×7 चिकित्सा सुविधा उपलब्ध अस्पताल —
ग्रामीण क्षेत्र: बिल्हौर, ककवन, शिवराजपुर, चौबेपुर, कल्याणपुर, सरसौल, बिधनू, भीतरगांव, पतारा, घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र।
शहरी क्षेत्र: एल.एल.आर. चिकित्सालय, यू.एच.एम. चिकित्सालय, माँ कांशीराम चिकित्सालय, के.पी.एम. चिकित्सालय।
रोगी तत्काल 108 या 102 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग कर अस्पताल पहुंचें और आवश्यक उपचार प्राप्त करें।