कानपुर। समाजवादी पार्टी के चर्चित पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की कानूनी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में गैंगस्टर मामले में जमानत मिलने के बाद उनके परिवार और समर्थक रिहाई को लेकर आशान्वित थे, लेकिन अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोलंकी और उनके करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, ईडी ने इरफान सोलंकी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है और उन्हें तलब करते हुए लखनऊ कार्यालय में पेश होने का नोटिस जारी किया है। यही नहीं, इस नोटिस में सोलंकी के साथ-साथ शहर के पाँच अन्य प्रमुख लोगों के नाम भी शामिल हैं, जो पूर्व में उनके मुकदमों में सह-आरोपी रहे हैं। ईडी ने सभी को 29 सितंबर को लखनऊ स्थित दफ्तर में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों की मानें तो मामला एक बांग्लादेशी नागरिक को संरक्षण देने और उसे भारतीय साबित करने से जुड़ा है। इसी आधार पर इरफान सोलंकी पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा उन पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के भी आरोप लगे हैं। इन मामलों में ईडी ने अब चार्जशीट दाखिल कर दी है और अभियुक्तों से सीधे पूछताछ करने की तैयारी में है।
पूर्व विधायक को लेकर यह घटनाक्रम उनके समर्थकों के लिए झटका साबित हुआ है। जहां एक ओर गैंगस्टर केस में जमानत से उम्मीदें जगी थीं, वहीं ईडी की कार्रवाई ने सियासी और कानूनी दबाव को और गहरा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि इरफान सोलंकी और उनके सहयोगी ईडी की पूछताछ में क्या पक्ष रखते हैं और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।