कानपुर। राजनीति में कब क्या हो जाए, यह कहना आसान नहीं। ताज़ा मामला कानपुर की कैंट विधानसभा से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक मोहम्मद हसन रूमी का है, जो इन दिनों सुर्खियों के केंद्र में हैं। शनिवार को भाजपा विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा लाल बंगला स्थित केडीए चौराहे पर सड़क निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय भी मौजूद रहीं। चौंकाने वाली बात यह रही कि इसी कार्यक्रम में आमंत्रित सपा विधायक हसन रूमी ने भाजपा के चुनाव चिन्ह ‘कमल’ अंकित पोडियम से भाषण दिया।
मंच पर भाजपा नेताओं की मौजूदगी और सपा विधायक का कमल चिन्ह वाले पोडियम से संबोधन देना लोगों को अचंभित कर गया। किसी ने यह दृश्य कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर डाल दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया कि क्या हसन रूमी भाजपा का रुख करने वाले हैं?
हालाँकि, विधायक हसन रूमी ने इन अटकलों को खारिज करते हुए सफाई दी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण का एक हिस्सा कैंट विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए वे बतौर स्थानीय विधायक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यह भाजपा का नहीं बल्कि मुख्यमंत्री ग्रिड योजना का सरकारी कार्यक्रम था। रूमी ने आरोप लगाया कि इस सरकारी कार्यक्रम को भाजपा नेताओं ने हाईजैक कर लिया और पोडियम पर पार्टी का चिन्ह भी लगवा दिया। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने अधिकारियों और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से शिकायत भी दर्ज कराई है।
रूमी ने स्पष्ट कहा— “मैं समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता हूँ और कहीं नहीं जाने वाला हूँ।” वहीं, जब इस मुद्दे पर सपा जिलाध्यक्ष फजल महमूद से सवाल किया गया तो उन्होंने वीडियो वायरल होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताते हुए पल्ला झाड़ लिया।
अब देखना दिलचस्प होगा कि हसन रूमी का यह बयान सपा की सियासत को कितनी राहत देता है और भाजपा इस घटनाक्रम को किस तरह अपने पक्ष में भुनाती है। यह तय है कि वायरल वीडियो ने कानपुर की राजनीति को गरमा दिया है।