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कानपुर — सिविल लाइन क्षेत्र के मैरी एंड मैरीमेन स्कूल की 1000 करोड़ रुपये मूल्य की नजूल संपत्ति पर कब्जा करने के मामले में कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी अवनीश दीक्षित को छह माह के लिए जिलाबदर कर दिया गया है। इसके साथ ही तीन अन्य आरोपियों को भी जिलाबदर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 28 जुलाई 2024 को कोतवाली पुलिस ने अवनीश दीक्षित को जमीन कब्जाने के आरोप में गिरफ्तार किया था और जेल भेजा था। तीन जुलाई 2025 को अवनीश को रिहा किया गया था। इस मामले में कोतवाली इंस्पेक्टर ने अवनीश दीक्षित, हरेंद्र मसीह, राहुल वर्मा, मौरिस एरियल, कमला एरियल, अभिषेक एरियल, अर्पण एरियल, जीतेश झा, संदीप शुक्ला, विक्की चार्ल्स, अली अब्बास, जितेन्द्र शुक्ला, विवेक पांडेय, मनोज यादव, मोहम्मद वसीम, अखलाख अहमद के खिलाफ 3200 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। आरोपियों पर डकैती और गिरोह बनाकर कब्जा करने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
पुलिस ने अवनीश दीक्षित के गैंग को कानपुर का पहला इंटररेंज गैंग के रूप में पंजीकृत किया है, जिसमें कुल 26 सदस्य हैं। यह वर्तमान में दूसरे नंबर का गैंग है, जबकि विकास दुबे का गैंग 30 सदस्यों के साथ सबसे बड़ा है।
अवनीश पर नवीन मार्केट स्थित क्रिस्टल पार्किंग पर कब्जा कर अवैध वसूली करने और मारपीट करने का आरोप है। इसके अलावा, पुलिस ने रेऊना के रूपनगर निवासी वकील को तीन माह के लिए, नौबस्ता ए ब्लॉक निवासी शंकर राइडर और धारी पुरवा निवासी आयुष गुप्ता को छह माह के लिए जिलाबदर कर दिया है।
कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई को गैंगवार और संपत्ति कब्जा करने के मामलों में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे अपराधियों में खौफ फैलने की संभावना है।